विश्‍व प्रसिद्ध हैं भगवान शिव के ये 14 मंदिर, दर्शन मात्र से हो जाते हैं सारे संकट दूर, जानिए इन मंदिरों के बारे में

भारत एक धार्मिक और सांस्कृतिक देश है, जहां पूजा-पाठ को बहुत महत्व दिया जाता है. हिंदू धर्म में लोग बहुत से देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, लेकिन इनमें भगवान ब्रह्मा, विष्‍णु और शिव को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है. वहीं अगर बात करें भगवान शिव की, तो इनकी महिमा अपरंपार है, भक्‍त इनकी श्रद्धा और भक्ति में कोई कसर नहीं छोड़ते.

आइए आज शिवरात्रि के अवसर पर आपको दर्शन करवाते हैं भोलेनाथ के कुछ मंदिरों के जो भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व में भी काफ़ी प्रसिद्ध हैं.

1. काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है. मान्यता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्‍नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

2. केदरनाथ मंदिर, उत्तराखंड

केदरनाथ मंदिर, उत्तराखंड
केदरनाथ मंदिर, उत्तराखंड

हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ भी बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है. 3562 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण सर्दियों में ये मंदिर बर्फ़ की चादर से ढक जाता है.

3. अमरनाथ गुफ़ा, जम्मू-कश्मीर

अमरनाथ गुफ़ा, जम्मू-कश्मीर
अमरनाथ गुफ़ा, जम्मू-कश्मीर

अमरनाथ गुफ़ा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से है. साथ ही इसे तीर्थों का तीर्थ भी कहा जाता है. ऐसा कहा जाता है कि यहीं पर भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था.

4. सोमनाथ ज्योर्तिलिंग, गुजरात

सोमनाथ ज्योर्तिलिंग, गुजरात
सोमनाथ ज्योर्तिलिंग, गुजरात

भगवान शिव का ये मंदिर 12 ज्योतिर्लिगों में से एक है. सोमनाथ मंदिर गंभीर ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह भी रहा है‌.

5. लिंगराज मंदिर, ओडिशा

लिंगराज मंदिर, ओडिशा
लिंगराज मंदिर, ओडिशा

भुवनेश्वर स्थित ये मंदिर शहर के प्राचीन मंदिरों में से एक है. इस मंदिर का वर्णन छठी शताब्दी के लेखों में भी पाया जाता है.

6. मुरुदेश्वर मंदिर, कर्नाटक

मुरुदेश्वर मंदिर, कर्नाटक
मुरुदेश्वर मंदिर, कर्नाटक

मुरुदेश्वर मेंगलोर से 165 किमी दूरी पर अरब सागर में स्थित है. मंदिर में लगी भगवान शिव की मूर्ति विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मूर्ति है.

7. त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक
त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक

शिव जी के बारह ज्योतिर्लिगों में त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग को दसवां स्थान दिया गया है. त्र्यम्बकेश्वर की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि इस ज्‍योतिर्लिंग में ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश तीनों विराजित हैं.

8. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडु

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडु
रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडु

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिगों में से एक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि उत्तर में जितना महत्व काशी का है, उतना ही महत्व दक्षिण में रामेश्वरम का भी है.

9. बैद्यनाथधाम, देवघर झारखंड

बैद्यनाथधाम, देवघर झारखंड
बैद्यनाथधाम, देवघर झारखंड

इस ज्‍योतिर्लिंग को मनोकामना लिंग भी कहा जाता है. मान्‍यता है कि इस ज्‍योतिर्लिंग को राक्षसराज रावण ने कैलाश पर्वत पर घोर तपस्‍या के बाद भगवान शिव से वरदान स्‍वरूप प्राप्‍त किया था.

10. घृष्णेश्वर महादेव मंदिर, औरंगाबाद शहर

घृष्णेश्वर महादेव मंदिर, औरंगाबाद शहर
घृष्णेश्वर महादेव मंदिर, औरंगाबाद शहर

भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक घृष्णेश्वर महादेव मंदिर है. ऐसा कहा है कि यहां दर्शन करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और हर प्रकार की सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.

11. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि पर्वत पर स्थित है. इस ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है.

12. मल्लिकार्जुन, आंध्रप्रदेश

मल्लिकार्जुन, आंध्रप्रदेश
मल्लिकार्जुन, आंध्रप्रदेश

आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में कृष्णा नदी तट पर श्रीशैल पर्वत पर श्रीमल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग विराजमान है. इसे दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है.

13. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरात
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है. मंदिर परिसर के अंदर भगवान शिव की ध्यान मुद्रा में एक बड़ी ही मनमोहक और विशाल प्रतिमा लगी हुई है.

14. महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन

महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन

महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है. पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का वर्णन मिलता है.