विदेशो में स्थित 10 अनोखे भारतीय मंदिर ,जानिए पूरी जानकारी

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भारत विश्व भर में अपनी संस्कृति और सभ्यता के कारण प्रसिद्ध है और इसी कारण विदेशो में भारतीयों को बहुत ही सम्मान की नज़र से देखा जाता है | इसका प्रमुख कारण भारतीय हिन्दू सभ्यता है | हिन्दुओ की धार्मिकता का एक नज़ारा विदेशो में भी देखा जा सकता है जहा विदेशो में अनेको अनेक भारतीय देवी देवताओ के मंदिर है | बैंकाक, श्रीलंका, पाकिस्तान आदि में तो हिन्दू मंदिर हैं ही, अमेरिका, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड सहित अधिकतर देशों में हिंदु देवी-देवताओं को पूरे सम्मान के साथ पूजा जाता है औरकई मंदिरों में तो भारतीय भक्त कम विदेशी ज्यादा हैं तो आइए, आज आपको ऐसे ही कुछ विदेशों में बने भारतीय मंदिरों के बारे में बताते है …..

अंगकोर वट, कंबोडिया ~ अंगकोर वट दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्मारकों में गिना ज्जता है। इसका निर्माण लगभग 12 वीं सदी में खमेर के राजा सूर्यवर्मणाम द्वितीय ने कराया था।श्रीसुब्रमन्यम देवस्थान, मलेशिया ~ बातू गुफा कुआलालंपुर के उत्तर में लगभग 13 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। 1890 में लालकृष्ण पिल्लई ने इस गुफा के बाहर भगवान मुरुगन की प्रतिमा की स्थापना की थी। गुफा के द्वार पर खड़ी भगवन मुरुगन की यह प्रतिमा दुनिया में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जाती है।मुरुगन मंदिर, ऑस्ट्रेलिया ~ भगवान मुरुगन का मंदिर सिडनी के न्यू साउथ वेल्स के पहाड़ों पर है। सिडनी में मरुगन भगवन के मंदिर का निर्माण यहां रह रहे तमिल व्यक्ति ने करवाया था। इस मंदिर की देखभाल शैव-मनराम नाम की हिन्दू सोसायटी कब से करती है |

अफ़्रीकी हिंदू मठ, घाना ~अफ़्रीकी हिन्दू मठ की स्थापना धनानंद सरस्वती ने की थी। यह हिन्दू मठ है फिर भी यहाँ बहुत ही कम भक्त हिन्दू हैं। इस मंदिर के अफ़्रीकी भक्त सख्ती से धार्मिक नियमों और हिन्दू रीती-रिवाजों का पालन करते हैं। यहाँ हमेशा पूजा की जाती है |

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श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर, इंग्लैंड~ श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर यूरोप में भगवान वेंकटेश्वर का पहला मंदिर था। इस मंदिर का उद्घाटन 23 अगस्त 2006 में किया गया था। भगवान विष्णु की मूर्ति जो यहाँ लगी गई लगभग 12 फ़ीट ऊंची है।

श्री स्वामीनारायण मंदिर, लंदन ~ इस मंदिर का उद्घाटन 1995 में किया गया था। इसका निर्माण और देखभाल श्री बोछासंवासी अक्षर पुरुषोत्तम संस्था करती आ रही है। मंदिर के निर्माण में जिन पत्थरों का प्रयोग हुआ था, वह पहले कभी भी किसी हिन्दू मंदिर के निर्माण में प्रयोग नहीं हुए थे |

राधा माधव धाम, अमेरिका ~ यह मंदिर भारत के बाहर स्तिथ सबसे विशाल हिन्दू मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर लगभग 3300 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बना हुआ है। इस मंदिर की स्थापना स्वामी प्रकाशानंद ने 1990 में की थी। इस मंदिर के गुम्बदों की ऊंचाई लगभग 90 फ़ीट की है।

श्री स्वामीनारायण मंदिर, अमेरिका ~यह भारत के बाहर स्तिथ हिंदू मंदिरों में सबसे विशाल मंदिरों में से एक है। इस मंदिर के कुछ स्तम्भ लगभग 75 फ़ीट ऊंचे है। मंदिर का निर्माण पारंपरिक रूप के नक्काशीदार पत्थर से किया गया है।

पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल~ इस मंदिर का निर्माण 11वी सदी में करावाया गया था। बाद में 12वीं और 17वीं सदी में पुनर्निर्माण किया गया था। मंदिर के गर्भ गृह में भगवान शिव की लगभग 1 मीटर ऊंची चार मुंह वाली प्रतिमा शुशोभित है।यह काठमांडू का सबसे पुराना हिन्दू मंदिर भी है।

तनह लोट मंदिर,बाली ~भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर इंडोनेशिया के बाली में एक विशाल समुद्री चट्टान पर बना हुआ है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर16वीं में निर्मित हुआ है। यह मंदिर अपनी खूबसूरती के कारण इंडोनेशिया के मुख्य आकर्षणों में से एक भी माना जाता है।

प्रम्बाननमंदिर, जावा~ जावा के मध्य में बना प्रम्बनन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा और विशाल हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रूप से भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल है। दुनिया भर के पर्यटकों के लिए प्रम्बनन मंदिर आकर्षण का केंद्र रहता है। इस मंदिर में त्रिदेवों के साथ ही उनके वाहनों के भी मंदिर बने हुए हैं।

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