एक वेश्या की कहानी उसकी जुबानी ,जिसे गर्व है वेश्या होने पर

विकासशील भारत को विकास की नज़र से देखा जाये तो आश्चर्य होता है कि विकास आखिर हो किस चीज का रहा है,किसी भी चीज का हो रहा हो मगर कम से कम हमारी नज़र का और हमारी सोच तो नही हो रहा | आज हम आधुनिक दुनिया में कहि भी आ गये हो मगर जब भी सेक्स और वेश्या का नाम आता है सब की नज़रे या तो असमान ताकती है या अपना गिरेबान |वैसे तो हमारे निर्मल और निच्छल समाज में बहुत से गुण है पर अगर कोई वैश्याव्रती कर के अपना गुज़ारा चलाये तो हम उस पर शब्दों के गंदे कटाक्ष मारते है ,भई अगर आपका समाज ऐसा ही पवित्र है तो क्यों जाते हो उसके कोठे पर ,जब कोई जायेगा ही नही तो कोई वेश्या बनेगी ही नही पर नही हम तो जायेंगे भी और उसे बुरा भी कहेंगे |

भारत में वेश्या बनने की केवल दो वजह है जो हमारा समाज मानता है पहली तो किसी बच्ची को जबरन कोठे पर लाया या बेचा गया ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को दोषी ठहरा दिया जाता है और दूसरा जो की हमारा समाज मानता है की कोई अपनी मर्जी से ऐयाशी करने और जल्दी पैसे कमाने के लिए इसके लिए जिम्मेदार होती है वह लड़की ,साफ साफ मतलब यह हुआ की अभी भी समाज निर्मल और निच्छल है | वैसे तो कई बड़े बड़े देश भी इसे क़ानूनी रूप से सही साबित नही कर पाए है,तो फिर यह जहमत भारत क्यों उठाये |

गज़ब दुनिया
गज़ब दुनिया

दिखने में वेश्यावृति भले ही कितन ही ख़राब क्यों ना लगती हो मगर हर समय ऐसा नही है,वेश्यावृत्ति किसी भी औरत की पसंद भी हो सकती है |वेश्यावृति हर महिला की मज़बूरी हो यह भी जरुरी नही | जरुरी नही की प्रत्येक वेश्या को प्रताड़ित किया जाता हो और यह भी तो सच नही की प्रत्येक वेश्या सिर्फ पैसे के लिए ही काम करती हो आईये आज हम आपको बताते है ऐसी वेश्या कई बारे में जिसने कितने ही लोगो की जिन्दगी संवार दी | सेक्स इंडस्ट्री में अपना पूरा जीवन बिता देने वाली 68 साल की ‘मैडम’ विवियन वॉल्डेन इन्होने 17 साल की छोटी उम्र से विवियन ने अपनी नौकरी छोड़कर स्ट्रिप-क्लब ज्वाइन किया| पहले स्ट्रिपर यानि कपड़े उतारते हुए नाचने वाली बनीं, फिर फुल टाइम वेश्या बन गईं |

गज़ब दुनिया
गज़ब दुनिया

विवियन को गर्व है अपने काम पर ~

यहूदी परिवार में जन्मी विवियन की मां चाहती थीं की उनकी बेटी एक एक्ट्रेस बने ,लेकिन विवियन नौकरी कर रही थीं | एक दिन ऑफिस में लंच के समय वो दोस्तों के साथ स्ट्रिप क्लब में गईं वहा स्ट्रिपर्स को देखकर उन्हें लगा कि वो ये काम करना चाहती हैं | उनको अभिभूत हुआ इस तरह नाचना ग्लैमरस काम है | वो उसी समय मैनेजर के पास गईं और कहा कि उन्हें ये नौकरी चाहिए | मैनेजर मान गया और विवियन की नौकरी पक्की हो गई | कुछ साल बाद उन्होंने वेश्यावृत्ति को साइड बिजनेस के तौर पर शुरू कर दिया |

विवियन ने डेली मेल से बात करते हुए कहा~

‘जो मौका मुझे वेश्यावृत्ति ने दिया, वो कोई और काम दे ही नहीं सकता था | इन क्लब्स में वेश्यावृत्ति करने के लिए अलग तरह की प्रतिभा का होना आवश्यक है| आपको तब तक सब्र करना पड़ता है जब तक अगला शराब के नशे में धुत न हो जाए | एक बार वो नशे में हों, आप उनके पास जाकर अपना काम कर सकते हैं | ये आपका प्राइवेट बिजनेस होता है |’

विवियन इस बात की मिसाल हैं कि जिस तरह हम अपने ऑफिस या बिजनेस को कर्मभूमि मानकर पूरी ईमानदारी से काम करते हैं, वैसे ही वेश्यावृत्ति भी की जा सकती है, इतना ही नहीं, अपने काम में मजे भी लिए जा सकते हैं |‘वेश्या की तरह काम करना मुझे साहसी बनता है , क्योंकि ये काम ऐसा है कि आप अपने ग्राहक को संतुष्ट कर देते हैं | संतुष्टि पाकर ग्राहक आपकी इज्जत करता है |मन ही मन पूजता है आपको, और पैसे देकर वो निकल सकता है, उसे वापस आने की कोई बाध्यता नही होती उसे कोई जिम्मेदारी निभानी नहीं पड़ती |’‘हर तरह के मर्द आते थे, वर्जिन और शादीशुदा, | बहुत से जाने माने, फेमस लोग भी आते थे,लेकिन उन्हें कभी असुरक्षित सा महसूस नहीं हुआ क्युकी उन्हें मालूम था कि उनका राज़ यहां सुरक्षित है |’

गज़ब दुनिया

उसके पति को गर्व है विवियन पर ~

जब विवियन स्ट्रिप क्लब में काम करा करती थीं, उनकी मुलाकात बिली से हुई |बिली प्रोफेशनल फुटबॉलर थे, वो विवियन से बेहद प्रेम करते थे| उन्होंने खुद क्लब खोले और विवियन को उन्हें चलाने की जिम्मेदारी दी | वो उस समय विवियन से ये भी कहते थे कि अगर वो वेश्या होतीं, तो दुनिया की सबसे अच्छी वेश्या बन सकती हैं |

वेश्यावृत्ति और कोठा~

फिर 1995 में, यानी 22 साल पहले उन्होंने अपना एक कोठा शुरू किया | ये कोठा दो वजहों से अलग था ,उस समय तक कोई भी कोठा मैच्योर, यानी बड़ी उम्र की वेश्याओं को कार्य नहीं दे रहा था | विवियन ने 18 साल से लेकर 40 साल तक की औरतों को नौकरी दी |यहाँ हर तरह और कई देशों से आई लड़कियां मौजूद थीं |दूसरा, यहां कस्टमर ‘मैडम’ यानी कोठे की मालकिन को पैसे नहीं देते थे , बल्कि सीधे वेश्याओं को पेमेंट करते थे | इससे वेश्याओं की मेहनत कि कमाई उनकी अपनी होती थी | यहां तय किराया था, जो हर वेश्या को ‘मैडम’ यानी विवियन को हर महीने देना पड़ता था | जबतक वो किराया देती रहें, विवियन को मतलब नहीं होता था कि वे कितना कमा रही हैं |विवियन हर दिन एक वेश्या से करीब 50 से 100 पाउंड, यानी 4 से 8 हजार रुपये किराया लिया करती थीं | विवियन के मुताबिक़ एक दिन में लगभग 100 पुरुष उनके पास सेक्स के लिए आते थे |

गज़ब दुनिया

छापा और कोठाबंदी~

उनके कोठे पर छापा पड़ने से 8 साल पहले विवियन का सफल करियर खत्म हो गया और उन्हें जेल भेज दिया गया | कोर्ट में विवियन ने अपना ‘गुनाह’ कबूला और उन्हें 6 महीने की कैद भी हुई | उन्हें लगभग साल भर खाली बैठना पड़ा और कई घंटों की सोशल सर्विस करनी पड़ी | जिसके बाद उन्होंने सोचा कि वो अब कोठा नहीं चलाएंगी |

‘वेश्यावृत्ति बेहद जरूरी है, मैंने कई संस्कारी परिवार बचाए हैं | लगभग 5000 शादियां टूटने से रोकी हैं,क्योंकि हमारे कोठे पर वो लोग भी आते थे जो शारीरिक रूप से कमजोर नहीं होते थे| उनकी पत्नियां उनकी सेवा तो कर सकती थी पर सेक्स नहीं दे पाती थीं | हम उन्हें भी भरपूर सुख देते थे |’और इसलिए फिलहाल विवियन वेश्यावृत्ति को लीगल करने की लड़ाई कर रही हैं, क्योंकि उनके अनुसार वेश्यावृत्ति एक सुंदर पेशा है ,जो समाज को जीवन देता है भले समाज उन्हें दे या ना दे और इसे बढ़ावा मिलना चाहिए |