सरकार लाने जा रही है 200 रुपये के नोट, देखिये कैसा दिखता है और क्या होंगे इसके फीचर्स

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 2000 के बाद अब 200 रुपए का नोट छापने की तैयारी में है. खबर है कि आरबीआई ने 2000 के नोट की छपाई बंद कर दी है और अब 200 रुपये के नोट बाजार में लाने की तैयारी चल रही है.लिहाजा 200 रुपये के रंग-रूप को लेकर लोग अभी से कयास लगाने लगे हैं. सोशल मीडिया पर भी इन दिनों 200 रुपये के अलग-अलग तरह के नोट वायरल हो रहे हैं. इसे यह बताकर शेयर किया जा रहा है कि यह नोट जल्द बाजार में दिखाई देगा और वो कुछ इस तरह का दिखेगा.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो RBI के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 200 रुपये के नोट छापने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. 200 रुपये के नोट में नए सिक्योरिटी फीचर्स होंगे ताकी इसकी नकल ना की जा सके.

200 रुपये के नोट जारी होने वाले ये खबर आते ही लोगों ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में 200 रुपये के नोट जारी करने शुरू कर दिए.

सूत्रों से ये भी जानकारी मिली है कि रिजर्व बैंक को 200 रुपए के नोटों को लेकर एक खास प्रस्ताव भेजा गया है जिसमें कहा गया है कि 200 रुपये के नोट को एटीएम के जरिए बाजार में न लाया जाए. सिफारिशें हैं कि इस नोट को सिर्फ बैंक के जरिए ही देने की सुविधा रखी जाए. इस सुझाव को देने की एक वजह ये है कि देश के सभी ATM को 200 रुपये के हिसाब से बनाने की परेशानी से भी मुक्ति मिल जाएगी.मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आरबीआई इस साल जून के बाद 200 के नोटों को जारी कर सकता है. माना जा रहा है कि पिछले महीने मार्च में हुई एक मीटिंग में आरबीआई ने 200 के नोटों को लागू करने का फैसला ले लिया था. 200 रुपए के नोट जारी किए जाते हैं तो हाल के दिनों में 2,000 रुपये के नोटों के बाद जारी की जाने वाली यह दूसरी नई करेंसी होगी. 200 रुपए के नोटों के सिक्योरिटी के लिए खास फीचर्स होंगे ताकि इसका मार्केट में जाली नोट नहीं बनाया जा सके.

सरकार ने जानकारी दी कि यह पहले ही तय कर लिया गया था कि 2000 रुपये के नोट असीमित संख्या में नहीं छापे जा सकते हैं. 2000 रुपये के नोटों की छपाई की संख्या पहले से तय थी और तय संख्या के मुताबिक इनकी छपाई करीब 5 महीने पहले पूरी हो चुकी है. सबसे आगे 2000 रुपये के नोटों की तय संख्या के हिसाब से ही छपाई होगी. हर सूरत में 2000 के नोटों की कानूनी मान्यता बनी रहेगी. सरकार ने उन अफवाहों को भी खारिज किया है जिसमें कहा है कि 2000 रुपये के नोटों को बंद किया जाएगा. हालांकि 2000 रुपये के नोटों की बड़े पैमाने पर जमाखोरी होने की आशंका से सरकार ने इनकार नहीं किया.

सूत्रों के मुताबिक नकली नोट को रोकने के लिए हर 3 से 4 साल में नोट के सिक्योरिटी फीचर बदलने की भी तैयारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वरिष्‍ठ अधिकारियों की उच्‍च स्‍तरीय बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि ज्‍यादातर विकसित देशों में करेंसी नोटों के सिक्‍योरिटी फीचर्स प्रत्‍येक तीन-चार साल में बदल दिए जाते हैं. भारत के लिए भी इस नीति को अपनाना जरूरी है. इस बैठक में गृह सचिव राजीव महर्षि के अलावा वित्‍त और गृह मंत्रालय के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी शामिल हुए थे.

बता दें कि देश में चार बैंक नोट प्रेस, चार टकसाल(मिंट) और एक पेपर मिल है. नोट प्रेस मध्य प्रदेश के देवास, महाराष्ट्र के नासिक, पश्चिम बंगाल के सालबोनी और कर्नाटक के मैसूर में हैं.

इनमें 20, 50, 100, 500 रुपए के नोट शामिल हैं. देवास में तैयार स्याही का ही उपयोग किया जाता है. मप्र के ही होशंगाबाद में सिक्युरिटी पेपर मिल है. नोट छपाई पेपर होशंगाबाद और विदेश से आते हैं. जबकि टकसाल मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में हैं.