कभी सोचा है फोन पर पहला शब्द ‘HELLO’ क्यों कहते हैं?

कभी सोचा है कि फोन उठाते ही सबसे पहले आप हैलो क्यों कहते हैं? या फिर हैलो के अलावा और कुछ क्यों नहीं कहते। अब ये मत कहना कि जब से फोन आया है तब से लोग हैलो ही कहते हैं। अरे भई अगर नहीं जानते तो जानिए क्यों फोन पर बात करते समय सबसे पहला शब्द ‘हैलो’ कहा गया।


ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार हैलो शब्द पुराने जर्मन शब्द हाला, होला से बना है, जिसका इस्तेमाल नाविक करते थे। यह शब्द पुराने फ्रांसीसी या जर्मन शब्द ‘होला’ से निकला है। इसका मतलब होता है ‘कैसे हो’ यानी, हाल कैसा है जनाब का? अंग्रेज़ कवि चॉसर के ज़माने में यानी 1300 के बाद यह शब्द हालो (Hallow)बन चुका था। इसके दो सौ साल बाद यानी शेक्सपियर के ज़माने में हालू (Halloo) बन गया। फिर यह शिकारियों और मल्लाहों के इस्तेमाल से कुछ और बदला और Hallloa, Hallooa, Hollo बना।

बहरहाल जब टेलीफोन का आविष्कार हुआ तो शुरूआत में लोग फोन पर पूछा करते थे ‘आर यू देयर?’(Are you there)? तब उन्हें यह विश्वास नहीं था कि उनकी आवाज़ दूसरी ओर पहुंच रही है। लेकिन अमेरिकी आविष्कारक टॉमस एडीसन को इतना लंबा वाक्य पसंद नहीं था। उन्होंने जब पहली बार फ़ोन किया तो उन्हें य़कीन था कि दूसरी ओर उनकी आवाज़ पहुंच रही है। उन्होंने कहा, हलो।

10 मार्च 1876 को अलेक्जेंडर ग्राहम बैल के टेलीफोन आविष्कार को पेटेंट मिला। वे शुरू में टेलीफोन पर बात शुरू करने के लिए नाविकों के शब्द ‘हाय’ का इस्तेमाल करते थे। सन 1877 में टॉमस एडीसन ने पिट्सबर्ग की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट एंड प्रिंटिंग टेलीग्राफ कम्पनी के अध्यक्ष टीबीए स्मिथ को लिखा कि टेलीफोन पर स्वागत शब्द के रूप में हैलो का इस्तेमाल करना चाहिए। उनकी सलाह को अंततः सभी ने मान लिया।

 
 उन दिनों टेलीफोन एक्सचेंज में काम करने वाली ऑपरेटरों को ‘हैलो गर्ल्स’ कहा जाता था।

 

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