COVID-19: फेफड़ों को नहीं, शरीर के इस अंग को सबसे पहले अपना निशाना बनाता है कोरोना, जानें कैसे रखें इसे ठीक

COVID-19: देश-दुनिया में एक विपदा की तरह फैले COVID-19 को लेकर लोगों में डर और दहशत दोनों तरह का माहौल है। लोग इससे बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं लेकिन उनके मन में ये सवाल अभी भी बना हुआ है कि इस वायरस से संक्रमित होने पर उन्हें सबसे पहले क्या होगा। इस बीच, द अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में प्रकाशित एक नए अध्ययन से ये सामने आया है कि जिन लोगों को कोरोनावायरस (coronavirus) ने अपना शिकार बनाया उन्हें वायरस से प्रभावित होने पर पहला संकेत दस्त जैसी पाचन समस्या के रूप में मिला था।

COVID-19 इंसानों में फैलने वाला कोरोनावायरस है, जो प्रारंभिक रूप से आपके फेफड़ों और श्वसन प्रणाली को अपना निशान बनाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में

बुखार
खांसी
सांस न आना।
लेकिन अगर ये संक्रमण अगर बिगड़ जाए तो आपको

सीने में दर्द
निमोनिया
सांस लेने में बेहद दिक्कत हो सकती है।
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दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस वायरस को लेकर नई जानकारियां जुटाने में लगे हैं हालांकि इसके लक्षणों की सूची और लंबी होती जा रही है। द अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में प्रकाशित हालिया अध्ययन में चीन के हुबेई प्रांत में कोरोनावायरस के 204 मरीजों के डेटा का आकलन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस वायरस से संक्रमित होकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में 48.5 फीसदी को दस्त, उल्टी और पेट में दर्द जैसी पाचन संबंधी समस्या हुई थी। अध्ययन से ये सामने आया है कि कोरोना के सांस संबंधी लक्षणों से पहले व्यक्ति को पाचन संबंधी लक्षण दिखाई देते हैं। इस अध्ययन में ये पाया गया कि जिन लोगों को पाचन संबंधी लक्षण दिखाई दिए उन्हें गंभीर रूप से समस्याओं का शिकार होना पड़ा।

दस्त और उल्टी जैसी होती है समस्या
इस अध्ययन के निष्कर्षों ने उन अतिरिक्त प्रमाण पर संदेह बढ़ा दिया है, जिसमें ये कहा जा रहा है कि COVID-19 यानी की कोरोनावायरस कुछ लोगों में जठरांत्र (gastrointestinal symptoms) संबंधी लक्षणों का कारण बन सकता है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में अमेरिका के पहले कोरोना मरीज पर प्रकाशित एक केस रिपोर्ट से ये सामने आया है कि उस मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के दूसरे दिन सबसे पहले पतले दस्त लगे और पेट में परेशानी होने लगी। अन्य शोध में भी पाया गया कि वायरस मल त्याग के रूप में बाहर निकलता है ठीक पुराने वाले वायरस (SARS and MERS)की तरह।

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लोगों को होती है पाचन संबंधी समस्या
अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के को-एडिटर इन चीन और एमडी ब्रेनन एम.आर. स्पीगल का कहना है कि कोरोना से पीड़ित मरीजों में पाचन लक्षणों की भूमिका और प्रभावों को समझने के लिए और अधिक शोध की जरूरत है। ब्रेनन शुरुआती तौर पर कोरोना का पता लगाने के प्रयास के उद्देशय से पाचन लक्षणों की जागरूकता पर एक प्रेस रिलीज भी जारी कर चुके हैं।

पहले पता चलने पर कोरोना को रोकने में मिलेगी मदद
इस अध्ययन में, पाचन लक्षणों वाले COVID-19 रोगियों में खराब नैदानिक परिणाम और मृत्यु दर का अधिक जोखिम पाया गया जबकि जिन लोगों में पाचन संबंधी लक्षण नहीं पाए गए उनकी मृत्यु दर कम रही। इसलिए दस्त जैसे लक्षणों के महत्व पर जोर दिया जा रहा है ताकि COVID -19 को बीमारी के शुरुआती लक्षणों के साथ श्वसन संबंधी लक्षण विकसित न हो और उनका पता पहले ही लगाया जा सके। ऐसा होने पर कोरोना का जल्दी पता लगाया जा सकता है, जिससे सही इलाज प्राप्त किया जा सकता है और दूसरों में इसे फैलने से रोका जा सकता है।