11 साल का ये बच्चा स्कूल चलाता है, 100 से भी ज्‍यादा बच्‍चे पढ़ने आते हैं

1
246

आमतौर पर स्‍कूल से आने के बाद हर बच्‍चा टीवी पर कार्टून देखता है, खेलने चला जाता है या फिर अपना होमवर्क करने में बिजी हो जाता है. लेकिन उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ में एक ऐसा भी बच्‍चा है जिसकी आदतें आम बच्‍चों से जुदा हैं.


लखनऊ का रहने वाला 11 साल का आनंद कृष्‍ण मिश्रा वह बच्‍चा है जो स्‍कूल के बाद खेलने या कार्टून देखने की बजाय दूसरे बच्‍चों को पढ़ाना पसंद करता है. आनंद एक स्‍कूल चलाता है, जिसमें 100 से भी ज्‍यादा बच्‍चे पढ़ने आते हैं. आनंद हर शाम अपने गांव के पास एक बाल चौपाल लगाता है और बच्‍चों को पढ़ाता है.

आनंद के पास पढ़ने आने वाले बच्‍चे उन्‍हें ‘छोटा मास्‍टर जी’ कहकर बुलाते हैं. बाल चौपाल की कक्षा में हर रोज किताबों से पाठ पढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को नैतिकता का शिक्षा भी सिखाई जाती है. आनंद अपनी क्‍लास की शुरुआत ‘हम होंगे कामयाब’ गीत के साथ करता है और क्‍लास के आखिर में राष्ट्रीय गान गाया जाता है.

अपनी इस सेवा के लिए 7वीं कक्षा के आनंद को ‘सत्यपथ बाल रत्न अवार्ड’ और ‘सेवा रत्न अवार्ड’ से नवाजा जा चुका है.

source: news18

1 COMMENT

  1. बीएसएस क्लब में निर्धन छात्रों को दी जा रही है नि: शुल्क कोचिंग

    बीएसएस क्लब:-नि:शुल्क शैक्षणिक संस्थान रोसड़ा,समस्तीपुर में निर्धन छात्रों को एसएससी,नेट, बैंक, रेलवे आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की नि: शुल्क कोचिंग दी जा रही है। सामान्य जाति के छात्रों सहित सभी जाति के छात्र इस कोचिंग में प्रवेश ले सकते हैं। जिले के छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए अब पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा की शरण लेते थे कारण था कि यहां पर कोई ऐसा संस्थान नहीं था जहां पर प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग हासिल की जा सके लेकिन अब मायूस होने की जरूरत नहीं है। बीएसएस क्लब ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए अपने द्वार खोल दिए है। क्लब के द्वारा एक नि: शुल्क कोचिंग सेंटर की स्थापना की गई है। यहाँ बिना शुल्क की कोचिंग चालू की गई है। इसमें सकलांग और विकलांग सभी प्रकार के छात्र-छात्रा प्रवेश ले सकते हैं।

    कोचिंग में एसएससी,रेलवें, बैंक, टीईटी, पीजीटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ रिमेडियल विषय रखा गया है। क्षेत्र की गरीबी को देखते हुए नि: शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। यहां पर प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन अधिकांश छात्र गरीबी के कारण बाहर नहीं जा पाते हैं और उनकी प्रतिभा यहीं पर मर जाती है।
    राजेश कुमार सुमन
    संस्थापक, बीएसएस क्लब:-नि:शुल्क शैक्षणिक संस्थान
    संपर्क सूत्र 9576036317

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here