चाणक्य के बारे में 10 ऐसे रोचक तथ्य जो आपको अवश्य जानने चहिये …….

आजतक की सभी सदियों में सबसे महान राजनेता में चाणक्य का नाम आता है | वे चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। चाणक्य का जन्म 371 ईसा पूर्व में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ |इनका गोत्र था ‘कोटिल’ यही से इनका दूसरा नाम ‘कौटिल्य’पड़ा । उन्होने नंदवंश का नाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया। उनके द्वारा रचित अर्थशास्त्र राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाजनीति आदि का महान ग्रंन्थ है। अर्थशास्त्र मौर्यकालीन भारतीय समाज का सम्पूर्ण दर्पण भी माना जाता है। इनके पिता ‘चाणक’ ने इनका नाम ‘विष्णुगुप्त’ रखा था | आईये जानते है महान ‘ आचार्य चाणक्य ’ के बारे में ……

1.‘चाणक्यनिति’ इतनी जबरदस्त है कि आज भी दुनिया और भारत के नेता विदेशी संबंधो को अच्छा बनाने के लिए इसका उपयोग करते है|

2. आचार्य चाणक्य ‘तक्षशिला युनिवर्सिटी’ में पढ़े थे,बाद में ‘तक्षशिलापर’ में ही शिक्षक भी बने| चाणक्य की रूचि बचपन से ही राजनीतिक में बहुत ज्यादा थी |

3. आचार्य चाणक्य अध्यापक बनने के बाद पाटलिपुत्र चले गए,वहाँ जाकर मगध साम्राज्य के नंद वंश के न्यायालय में एक विद्वान बनें| लेकिन जब एक दिन चाणक्य और राजा धनानंद के बीच लड़ाई हो गई, तो राजा ने अदालत में ही आचार्य चाणक्य की बेइज्जती की और उन्हें वहां से चले जाने को कहा| चाणक्य ने तभी अपनी चोटी खोल दी और बोला जब तक नंद साम्राज्य का नाश नही कर दूंगा तब तक चोटी नही बांधूगा|

4. इसके पश्चात , चाणक्य ने चन्द्रगुप्त मौर्य को चुना और केवल 19 साल की उम्र में इसे सत्ता में उतार भी दिया| यहीं से मौर्य साम्राज्य की शुरूआत हुई जो बाद में धनानंद की हार का प्रमुख कारण भी बना | चाणक्य की राजनिति और फिलाॅसपी पर अच्छी पकड़ होने के कारण मौर्य साम्राज्य भारत का सबसे बड़ा साम्राज्य बना |

5. चाणक्य बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति थे, वह ऐसी ऐसी योजनाएं बनाते थे , जिसकी किसी भी स्थिति में अन्य ओर सैंकड़ो योजनाएं हो, मतलब,की स्थति चाहे कैसी भी बन जाए उनका बचाव पक्का था| वह बहुत आगे तक की सोच थे |

6.चाणक्य को दवा और खगोल विज्ञान का भी पूरा ज्ञान था| उसे ‘समुंद्र शास्त्र’ में महारत हासिल थी, जिससे वह किसी व्यक्ति के चेहरे के भावो को देखकर ही बता देते थे कि सामने वाला क्या सोच रहा है|

7.चाणक्य ने हमेशा कहा करते थे की महिलाओं पर कभी भरोसा नही करना चाहिए, वो कम नैतिक चरित्र और झूठ बोलने वाली होती है| लेकिन यह बात सभी महिलाओं के लिए लागू नही होती| उनके अनुसार, ‘एक अच्छी महिला वह है जो पवित्र है, घर के काम में निपुण और अपने पति के लिए सच्ची और वफादार हो’|

8.चाणक्य ने सिकंदर से लड़ने के लिए भारत के सभी राज्यों को एकजुट किया था | उन्होनें युवा लडकियों की एक सेना भी बनाई जिसका नाम था ‘विषकन्या’रखा | चाणक्य ने इन लडकियों को दुश्मन को मारने और चूमने के लिए इस्तेमाल किया क्योंकि इनके चुंबन में भी तेज ज़हर होता था |

9.आचार्य चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को भोजन के माध्यम से थोड़ा-थोड़ा जहर दिया, ताकि दुशमन के जहरीलें हमलों का उस पर कोई असर ना हो| एक दिन चन्द्रगुप्त ने अपनी रानी के साथ खाना साझा कर लिया जो 9 महीनें की गर्भवती थी| वह ज़हर से मर गई,लेकिन चाणक्य ने उसका पेट काटकर बच्चे को बचा लिया| इस बच्चे का नाम रखा गया ‘बिंदुसार’।

10.जब बिंदुसार को राजा बनाया गया, चाणक्य अभी भी बिंदुसार के सबसे प्रिय सलाहकार बने रहे,लेकिन चाणक्य और बिन्दुसार के बीच दुशमनी पैदा करने के लिए साज़िश रची गई|इस साज़िश को बिंदुसार के मंत्री ‘सुबंधु’| बिन्दु ने चाणक्य को बहुत ज्यादा सम्मान दिया था यह सुबंधु को पसंद न था| सुबंधु ने किसी तरह बिन्दुसार को ये विश्वास दिला दिया कि चाणक्य ने ही तुम्हारी माँ को मारा था,फिर क्या था बिंदुसार ने बिना पूरा मामला जानें, चाणक्य पर गुस्सा हो गए, तो चाणक्य घर बार छोड़कर जंगल चले गए और खाना-पीना छोड़ दिया| जब बिंदुसार को हकीकत का पता लगा तो वो शर्मिंदा हुए और उनको मनाने गए, लेकिन वो माने नहीं और वहीं भूखे प्यासे घूमते हुए देह छोड़ दी|

 

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