Category: महाभारत की सम्पूर्ण कथाएँ

कथा महाभारत की – जयद्रथ, घटोत्कच तथा गुरु द्रोण के वध की कथा Mahabharata The story of the killing of Jaideath, Ghatovakchach and Guru Drona In Hindi

अर्जुन की प्रतिज्ञा सुनकर जयद्रथ काँपने लगा। द्रोणाचार्य ने उसे आश्वासन दिया कि वे ऐसा व्यूह बनाएँगे कि अर्जुन जयद्रथ को न देख सकेगा। वे स्वयं अर्जुन से लड़ते रहेंगे तथा व्यूह के द्वार पर स्वयं रहेंगे। अगले दिन युद्ध शुरू...

कथा महाभारत की – कर्ण और अर्जुन का संग्राम और कर्ण वध Mahabharata Karna and Arjuna Struggle and Karna slaughter in hindi

द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद दुर्योधन पुन: शोक से आतुर हो उठा। अब द्रोणाचार्य के बाद कर्ण उसकी सेना का कर्णधार हुआ। पाण्डव सेना का आधिपत्य अर्जुन को मिला। कर्ण और अर्जुन में भाँति-भाँति के अस्त्र-शस्त्रों की मार-काट से युक्त महाभयानक...

कथा महाभारत की -भीम और दुर्योधन का संग्राम तथा दुर्योधन के वध की कथा Mahabharata The story of the battle of Bhima and Duryodhana and the killing of Duryodhana in hindi

महाभारत का युद्ध अपने अंत की ओर बढ़ रहा था। कौरवों की ओर से अश्वत्थामा, कृतवर्मा, कृपाचार्य तथा दुर्योधन के अतिरिक्त कोई भी अन्य महारथी जीवित नहीं बचा। अब दुर्योधन को युद्ध से पूर्व दिये गए विदुर के उपदेश याद आने...

कथा महाभारत की -परीक्षित के जन्म की कथा Mahabharata The story of the birth of the test in Hindi

द्रौपदी को जब समाचार मिला कि उसके पाँचों पुत्रों की हत्या अश्वत्थामा ने कर दी है, तब उसने आमरण अनशन कर लिया और कहा कि वह अनशन तभी तोड़ेगी, जब अश्वत्थामा के मस्तक पर सदैव बनी रहने वाली मणि उसे प्राप्त...

कथा महाभारत की – पाण्डवों का हिमालय गमन Mahabharata Himalaya movement of Pandavas Story in Hindi

धर्मराज युधिष्ठिर के शासनकाल में हस्तिनापुर की प्रजा सुखी तथा समृद्ध थी। कहीं भी किसी प्रकार का शोक व भय आदि नहीं था। कुछ समय बाद श्रीकृष्ण से मिलने के लिये अर्जुन द्वारिकापुरी गये। जब उन्हें गए कई महीने व्यतीत हो...