Category: महाभारत की सम्पूर्ण कथाएँ

कथा महाभारत की – यक्ष-युधिष्ठिर संवाद Mahabharata Yaksha Yudhisthir Samvad Story In Hindi

पाण्डव द्रौपदी सहित वन में पर्णकुटि बनाकर रहने लगे। वे कुछ दिनों तक काम्यकवन में रहने के पश्‍चात द्वैतवन में चले गये। वहाँ एक बार जब पाँचों भाई भ्रमण कर रहे थे तो उन्हें प्यास सताने लगी। युधिष्ठिर ने नकुल को...

कथा महाभारत की – युधिष्ठिर द्वारा दुर्योधन की रक्षा Mahabharatha Protecting Duryodhana by Yudhishthira Story In Hindi

गन्धमादन पर्वत स्थित कुबेर के महल में चार वर्ष व्यतीत करने के पश्‍चात पाण्डव वहाँ से चले। मार्ग में अनेक वनों में रुकते-रुकाते, स्थान-स्थान पर अपने शौर्य और पराक्रम से दुष्टों का दमन करते, ऋषियों और ब्राह्मणों के सत्संग का लाभ...

कथा महाभारत की- भीम द्वारा जयद्रथ की दुर्गति Mahabharata Jayadrath’s misery by Bhim Story In Hindi

एक बार पाँचों पाण्डव आवश्यक कार्यवश बाहर गये हुए थे। आश्रम में केवल द्रौपदी, उसकी एक दासी और पुरोहित धौम्य ही थे। उसी समय सिन्धु देश का राजा जयद्रथ, जो विवाह की इच्छा से शाल्व देश जा रहा था, उधर से...

कथा महाभारत की – द्रौपदी हरण Mahabharata Draupadi Haran Story In Hindi

अर्जुन के इन्द्रप्रस्थ से दिव्यस्त्र कि शिक्षा पाकर लौटने के बाद पाँचों पांडव द्रौपदी के साथ काम्यवन में अपना आश्रम बना कर रह रहे थे तभी एक बार पाँचों पाण्डव किसी कार्यवश बाहर गये हुये थे। आश्रम में केवल द्रौपदी, उसकी...

कथा महाभारत की – पाण्डवों का अज्ञातवास Mahabharata Pandavas’ anonymity Story In Hindi

‘अज्ञातवास’ का अर्थ है- “बिना किसी के संज्ञान में आये किसी अपरिचित स्थान व अज्ञात स्थान में रहना।”वनवास के बारहवें वर्ष के पूर्ण होने पर पाण्डवों ने अब अपने अज्ञातवास के लिये मत्स्य देश के राजा विराट के यहाँ रहने की...

कथा महाभारत की- कीचक वध की कथा Mahabharata The story of the killer slaughter in Hindi

पाण्डवों को मत्स्य नरेश विराट की राजधानी में निवास करते हुए दस माह व्यतीत हो गये। सहसा एक दिन राजा विराट का साला कीचक अपनी बहन सुदेष्णा से भेंट करने आया। जब उसकी द‍ृष्टि सैरन्ध्री (द्रौपदी) पर पड़ी तो वह काम-पीड़ित...

कथा महाभारत की – विराट नगर पर कौरवोँ का आक्रमण Mahabharata Attack of Kauravas on Virat Nagar Story In Hindi

कीचक के वध की सूचना आँधी की तरह चारों ओर फैल गई। वास्तव में कीचक बड़ा पराक्रमी था और उससे त्रिगर्त के राजा सुशर्मा तथा हस्तिनापुर के कौरव आदि डरते थे। कीचक की मृत्यु हो जाने पर राजा सुशर्मा और कौरवों...

कथा महाभारत की – कृष्ण का शान्ति प्रस्ताव Mahabharata Peace resolution of Krishna In Hindi

राजा सुशर्मा तथा कौरवों को रणभूमि से भगा देने के बाद पाण्डवों ने स्वयं को सार्वजनिक रूप से प्रकट कर दिया। उनका असली परिचय पाकर विराट को अत्यन्त प्रसन्नता हुई और उन्होंने अपनी पुत्री उत्तरा का विवाह अर्जुन से करना चाहा,...

कथा महाभारत की – युद्ध का आरम्भ Mahabharata started War Story In Hindi

महाभारत युद्ध में दोनों पक्षों की सेनाओं का सम्मिलित संख्या बल अठ्ठारह अक्षौहिणी था। युधिष्ठिर सात अक्षौहिणी सेना के, जबकि दुर्योधन ग्यारह अक्षौहिणी सेना का स्वामी था। पाण्डव तथा कौरव दोनों ही ओर की सेनाएँ युद्ध के लिए तैयार हुईं। पहले...

कथा महाभारत की – भीष्म-अभिमन्यु वध Mahabharata Bhishma-Abhimanyu slaughter Story In Hindi

पहले दिन से ही महाभारत का युद्ध बड़े ही भयंकर रूप से प्रारम्भ हुआ। आठवें दिन का युद्ध भी घनघोर था। इस दिन अर्जुन की दूसरी पत्नी उलूपी से उत्पन्न पुत्र महारथी इरावान मारा गया। उसकी मृत्यु से अर्जुन बहुत क्षुब्ध...