Category: साहित्य दर्शन

पढ़िए महाकवि हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय और उनकी प्रसिद्ध कविताये ….

हरिवंश राय श्रीवास्तव उर्फ़ बच्चन 20 वी सदी के नयी कविताओ के एक विख्यात भारतीय कवी और हिंदी के लेखक थे। महान राष्ट्रवादी कवि हरिवंश राय बच्चन का जन्म 27 नवंबर 1907 को इलाहाबाद के पास प्रतापगढ़ जिले के छोटे से...

पढ़िए रामायण के रचियता महर्षि वाल्मीकि के अद्भुत जीवन के बारे में ….

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत भाषा के आदि कवि और हिन्दुओं के आदि काव्य ‘रामायण’ के रचयिता के रूप में प्रसिद्ध है। महर्षि कश्यप और अदिति के नवम पुत्र वरुण से इनका जन्म हुआ। इनकी माता चर्षणी और भाई भृगु थे। वरुण का...

जानिए कैसे हुए संत सूरदास को भगवान श्री कृष्ण के दर्शन ,पढ़िए संत सूरदास का जीवन परिचय

सूरदास भक्ति काल सगुण धारा के कवी कहे जाते हैं। ये श्री कृष्ण के परम भक्त हैं इसलिए इनकी रचना में कृष्ण भक्ति के भाव उजागर होते हैं। सूरदास जन्म से ही नेत्रहीन थे, लेकिन उनकी रचनाओं में कृष्ण लीलाओं का...

पढ़िए श्री कृष्णा प्रेम में डूबी संत मीरा बाई का जीवन परिचय और उनके प्रसिद्ध भजन

मीराबाई 16 वी शताब्दी की हिन्दू आध्यात्मिक कवियित्री और भगवान कृष्णा की भक्त थी। लोगो के अनुसार संत मीराबाई एक आध्यात्मिक कवियित्री थी और उत्तर भारतीय हिन्दू परंपरा के अनुसार वह एक भक्ति संत थी।संत मीराबाई दिन-रात कृष्णा भक्ति में ही...

पढ़िए महाभारत के रचियता महर्षि वेदव्यास के जन्म की अदभुत कहानी …..

विश्व के पहले पुराण, विष्णु पुराण की रचना करने वाले महर्षि पराशर एक बार यमुना नदी के किनारे भ्रमण के लिए निकले। भ्रमण करते हुए उनकी नजर एक सुंदर स्त्री सत्यवती पर पड़ी। मछुआरे की पुत्री सत्यवती, दिखने में तो बेहद...

जानिए भारत के महान कवि दुष्यंत कुमार के बारे………..

दुष्यंत कुमार का जन्म 1 सितम्बर 1933 और मृत्यु 30 दिसम्बर 1975 को हुयी। दुष्यंत कुमार एक हिंदी कवि और ग़ज़लकार थे। समकालीन हिन्दी कविता विशेषकर हिन्दी ग़ज़ल के क्षेत्र में जो लोकप्रियता दुष्यंत कुमार को मिली, वो दशकों बाद विरले...

रामचरित मानस के रचियता तुलसीदास जी के बारे में ऐसी जानकारी ,जिसे जानना आपके लिए आवश्यक है ….

गोस्वामी तुलसीदास (जन्म- 1532 ई. – मृत्यु- 1623 ई.) हिन्दी साहित्य के आकाश के परम नक्षत्र, भक्तिकाल की सगुण धारा की रामभक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि है। तुलसीदास एक साथ कवि, भक्त तथा समाज सुधारक तीनों रूपों में मान्य है। इन्होने श्रीरामचरितमानस...