Category: प्रेरणा

जानें ये शख्‍स 20 सालों से साइकिल पर घूमकर कौन-सा संदेश दे रहा है…

शिक्षा का अलख जगाने के लिए लखनऊ के आदित्‍य कुमार साइकिल से बीते लगभग 20 वर्षो से गांव-गांव घूम-घूमकर वंचित तबके के बच्चों व उनके माता-पिता को इसके महत्व से अवगत करा रहा है. इसी दौरान, लगभग तीन महीने में 1,400...

इनकी हिम्मत और जज्बे को सलाम – शारीरिक कमियों के बावजूद बना दिया एक हवाई जहाज़

साजी थॉमस केरल के ‘इडुक्की’ जिले में बसे एक छोटे से गांव में रहते हैं। गांव के लोग थॉमस को ‘पोटेन’ (मूर्ख) कह कर बुलाते थे। असल में थॉमस जन्म से ही बहरे और गूंगे थे, अपनी शारीरिक कमियों के बावजूद भी थॉमस...

जन्मदिन विशेष: लोह पुरुष वल्लभ भाई पटेल

भारत के प्रथम गृहमंत्री, उप-प्रधानमंत्री और देश में लौह पुरूष के नाम से पहचाने जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 में गुजरात राज्य के नाडियाद गांव में हुआ. उनके पिता एक किसान थे और माता गृहणी....

कृष्णा से नैना (लड़के से लड़की बनने का फैसला – एक परिवर्तन जिस ने बहुतों को प्रेरित किया

दिल्ली के 16 साल के कृष्णा सिंह ने ने खुद को लड़की बनाने की ठान ली और ये कर के भी दिखाया. कृष्णा की मानें तो उन्हें लड़का बने रहने में तकलीफ़ हो रही थी. ऐसे में ज़्यागातर लोग चुप रहते हैं और डरते...

जन्मदिन विशेष : लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी

भारत के सफलतम प्रधानमंत्रियों में एक श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर सन 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। 27 मई, 1964 को नेहरू जी के मृत्यु के बाद शास्त्री जी को देश की जिम्मेदारी...

जन्मदिन विशेष : गांधी जी के जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

आज 2 अक्टूबर के दिन 1869 में गांधी जी का जन्म हुआ था। सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी का नाम इतिहास के पन्नों में सदा के लिए अमर है. गांधी सिर्फ देश में ही नही विदेशो में भी प्रसिद्ध...

प्रेरणा: रिक्शा चलाने वाले ग़रीब बाप का बेटा बना IAS अफसर

बनारस शहर में एक बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेलते-खेलते अपने ही एक दोस्त के घर में चला गया। जैसे ही उस दोस्त के पिता ने इस बच्चे को अपने घर में देखा वो गुस्से से लाल-पीले हो गये । दोस्त...

हिन्दुस्तान की आज़ादी के लिये 18 साल की उम्र में फांसी पर चढ़ गये खुदीराम बोस

भारत की आज़ादी के क्रांतिकारी शहीद होने के लिए हमेशा बैचेन ही रहते थे। बेहद कम उम्र में भी वो फांसी के फंदे पर झुलनें को तैयार रहते थे। ऐसा लगता था मानो उनमें शहीद होने के लिए हौड़ लगी रहती...

यशवंतराव होलकर – जिनसे अंग्रेज भी खाते थे खौफ

देश की आज़ादी की लड़ाई में न जाने कितने ऐसे व्यक्तित्व हुए, जिन्होंने गुमनाम रहकर जो कुछ देश के लिए किया है, वह सदैव अविस्मरणीय रहेगा। भारत माता के ये सपूत वीरता, पराक्रम व प्रतिभा के साथ अंतिम साँस तक देश...