भूतों की होती है खरीद-फरोख्त ! जाने क्या है पूरा मामला

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छत्तीसगढ़ के जशपुर में अंधविश्वास लोगों के दिमाग में किस कदर हावी है, इसकी बानगी बगीचा थाना के सरबकोबो गांव में देखने को मिली.




यहां सापों और मानव तस्करी के साथ-साथ भूतों की तस्करी भी की जाती है, सरबकोबो गांव में भूत खरीदे और बेचे जाते हैं. संबंधित मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को लोगों को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है.

वैज्ञानिक युग में अंधविश्वास का फैलता मकड़जाल

आज के वैज्ञानिक युग में भी लोग अंधविश्वास के मकड़जाल में बुरी तरह फंसे हुए हैं. सरबकोबो गांव में दो दिन पहले नारायण यादव नामक व्यक्ति के पास झारखंड के दो लोग आए और भूत खरीदने की बात करने लगे. दरअसल, इन लोगों ने सुन रखा था कि नारायण यादव मटियाभूत बेचता है जो लोगों को मालामाल कर देता है.

स्थानीय व्यक्ति मोती लाल जैन की मानें तो मटियाभूत करीब तीन फिट का होता है, जो नाचते हुए आता-जाता है और जिसे खरीदना हो उसे यह मटियाभूत बेच दिया जाता है.

भूत बेचने वाले नारायण यादव का कहना है कि दुनिया में भूत होता है, अगर भूत नहीं होता तो हनुमान चालीसा में भूतों का उल्लेख क्यों होता? नारायण यादव ने कहा कि भूत का लेकिन कोई रंग-रुप नहीं होता है इसलिए हम उसे देख नहीं पाते. हालांकि नारायण यादव यह भी मानते हैं कि भूत लोगों के मन का भ्रम होता है.

लोगों का अंधविश्वास है यह मटियाभूत

जशपुर के बगीचा थाना के जांच अधिकारी आर के कुलदीप को सूचना मिली थी कि सरबकोबो गांव में भूत की खरीद-फरोख्त होती है. लिहाजा, पुलिस ने मौके पर दबिश देते हुए आरोपी नारायण यादव समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

जांच अधिकारी की मानें तो आरोपी नारायण यादव मटियाभूत बेचने की बात कह कर लोगों को ठगने का काम करता है. जबकि मटिया भूत जैसी कोई चीज नहीं है, उन्होंने कहा कि यह लोगों का सिर्फ अंधविश्वास ही है जो उन्हें ऐसे पाखंडियों के पास खींच लाता है. लोगों की यह गलत फहमी है कि मटियाभूत जैसी कोई चीज है जो लोगों को मालामाल करती है.

source : News18
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