भारत की आज़ादी के लिए लड़ा यह स्वतंत्रता सेनानी ,आज आजाद भारत में भीख मांग कर चलाता है गुज़ारा ,भारत माँ की आत्मा को झकजोर देने वाली कहानी

कुछ ही दिनों पहले हमने स्वतंत्रता दिवस बड़े जोरो शोरो से मनाया | देश के बड़े बड़े नेताओ ने भी अपना वर्चस्व दिखाने के लिए झंडे फहराये मगर क्या किसी ने कभी ये ध्यान देने की कोशिश भी की है की आखिर जो स्वतंत्रता सेनानी आज़ादी की लडाई के बाद बच गए थे उनका क्या हुआ है उन पर कोई परेशानी तो नही है |

स्वतंत्रता सेनानी आजाद भारत में भीख मांगते हुए ,गज़ब दुनिया
स्वतंत्रता सेनानी आजाद भारत में भीख मांगते हुए ,गज़ब दुनिया

यहाँ इस तस्वीर मे जो शख़्स दिख रहे है ये झांसी के रहने वाले श्रीपत जी। 92 साल से भी अधिक उम्र पार कर चुके श्रीपत जी दिए गये नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी के भाषण से प्रभावित होकर आजाद हिन्द सेना में शामिल हुए थे। श्रीपत जी अपने जीवन की चिंता किये बिना देश को आजाद करने के लिए लड़े। देश तो आजाद हुए सालों हो गए, लेकिन वो खुद अभी तक हालातों के हाथों गुलाम है।

आज उन्हें अपनी जिंदगी का गुज़र-बसर करने के लिए भीख तक मांगनी पड़ रही है। भारत की आजादी मे कई लोगों का अहम योगदान रहा। ऐसा नही है कि स्वतंत्रता सेनानी श्रीपत जी के हालात शुरू से खराब हो, उनके पास झांसी क्षेत्र में 7 एकड़ की जमीन, और एक लाइसेंसी वाली बन्दूक भी थी।

स्वतंत्रता सेनानी आजाद भारत में भीख मांगते हुए ,गज़ब दुनिया
स्वतंत्रता सेनानी आजाद भारत में भीख मांगते हुए ,गज़ब दुनिया

इनकी जिंदगी अच्छी चल रही थी, लेकिन कहते है न जब किस्मत बाज़ी पलटी है तो किसी की नही सुनती वैसे ही इनकी किस्मत ने पलटी मारी और आज़ाद हिन्द फौज के इस सिपाही को दर-दर भटकते हुए भीख मांगने के लिए मजबूर कर दिया। कभी देश के लिए लड़ने वाला ये सिपाही आज जिंदगी की परेशानियों से जूझ रहा है।

श्रीपत कहते हैं कि मेरी हालत कैसी भी हो, लेकिन मेरी इच्छा है की मैं मरते दम तक अपने देश के काम आ सकूं। यह मेरा सौभाग्य था कि मैं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के साथ उनकी सेना में शामिल होकर देश के लिए लड़ सका। श्रीपत जी वर्तमान मे अपनी पत्नी के साथ झोपड़ी मे रहने को मजबूर है। ऐसा नही है की इनकी ही हालत ऐसी है, हमारे देश मे कई ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी है जो किस हालत मे जी रहे है उनकी सुध लेने वाला कोई नही है। ये हमारे देश के लिए सोचने का विषय है।