दावा : एक बाबा जिसके छूने से ही हो जाता कैंसर का इलाज

0
32

जहां लोग बड़े-बड़े डॉक्टरों और अस्पतालों में लाखों रुपए खर्च कर भी साधारण बीमारियों से बमुश्किल निजात पाते हैं, वहीं भिवानी में पठानकोट से आए एक बाबा कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियों का इलाज करने का दावा कर रहे हैं और वो भी बिना दवाओं के।




दरअसल, बाबा फकीरानंद को अगर स्कैनर बाबा कहां जाए तो विडम्बना नहीं होगी, क्योंकि बाबा सिर्फ मर्ज वाली जगह को बिना छुए उसके ऊपर से ही हाथ फेरते हैं। इस दौरान वे दावा करते हैं कि इलाज हो रहा है।

कई बीमारियों का कर चुके इलाज
दिलचस्‍प बात यह है कि इसे लोगों की आस्था या अंधविश्वास ही कहा जाए कि वो भी स्कैनर बाबा के हाथ फेरने मात्र से असाध्य रोगों से निजात पाने की पुष्टि कर रहे हैं।

लोगों की ये भीड़ बयां कर रही है कि कुछ न कुछ बात जरूर है। भिवानी के हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर में आए एक बाबा के पास इन दिनों आने वाले लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है।

सात साल में मिशन से जुड़े
खुद बाबा फकीरानंद से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास प्रतिदिन हजारों की तादाद में हर तरह की बीमारियों से ग्रस्त लोग उनके पास पहुंच रहे हैं।

महज सात साल की उम्र से इलाज शुरू करने का दावा करने वाले बाबा का कहना है कि 17 साल 12 दिन उन्होंने आर्मी की मेडिकल कोर में सेवा की और वहां भी इसी तरह लोगों का इलाज किया। उनका एकमात्र मिशन लोगों को निष्काम भाव से सेवा कर कुरीतियों व व्यसनों से बचाना है ताकि वे स्वस्थ रह सकें।

नहीं लेते कोई फीस
बाबा का कहना है कि दिव्य दृष्टि और दिव्य प्रकाश पूर्ण ब्रह्म का प्रकाश है। दिव्य दृष्टि शरीर के अंदर प्रवेश करती है और वही रोगों से लड़ती है। यही ताकत उनके हाथों के जरिए लोगों तक जाती है तथा उनके विकारों को दूर करती है। उनका कहना है कि अगर फीस या चढ़ावा लेना शुरू किया जाता है तो जिन शक्तियों ने वरदान दिया है वे वापस चली जाएंगी।

लाइलाज बीमारियों से निजात पाने वाले इन लोगों का कहना है कि बाबा की कृपा से बड़ी से बड़ी बीमारियां दूर हो रही हैं। यहां तक कि थायरॉयड तक कम हो गया है। यह मेडिकल रिपोर्ट में साबित हुआ है।

कई मरीज हुए बाबा की मुरीद
भिवानी के विनोद जैन का कहना है कि सायरोसिस बीमारी से वे ग्रस्त थे, जिसका कोई इलाज नहीं है मगर वे ठीक हो रहे हैं। रतनलाल का भी कुछ ऐसा ही कहना है कि बाबा की दृष्टि से उनका इलाज हो गया है। ललिता अग्रवाल, कमलेश का भी कुछ ऐसा ही कहना है कि बाबा की दृष्टि से ही इलाज हो रहा है।

अब ये विश्वास है या अंधविश्वास मगर लोगों की भीड़ को देखकर ये नहीं कहा जा सकता कि कुछ नहीं है मगर जिस तरह से लोग यहां आने के बाद आराम होने की बात कह रहे हैं। उससे तो यही लग रहा है कि विज्ञान और तकनीक के इस जमाने में भी लोगों का विश्वास ऐसी शक्तियों पर है जिनसे बिना दवा के ही मर्ज दूर हो रही है।

news source: pradesh18

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here