अटलांटिक महासागर की दंग कर देने वाली 10 तस्वीरें

अटलांटिक महासागर पृथ्वी की 20 फ़ीसदी सतह पर फैला हुआ है और प्रशांत महासागर के बाद दुनिया का दूसरे सबसे बड़ा महासागर है.

पृथ्वी पर उत्तरी ध्रुव में आर्कटिक से लेकर दक्षिण अमरीका, यूरोप और अफ़्रीका तक फैले इस सागर के ज्वालामुखियों, जीव-जंतुओं और समुद्रतट की दुनिया बहुत रहस्यमयी है.

बीबीसी और नेशनल ज्योग्राफिक की संयुक्त सीरीज़ ‘अटलांटिक – द वाइल्डेस्ट ओशन ऑन अर्थ’ बनाने के दौरान इसके निर्माताओं ने इस महासागर की विविधरंगी दुनिया की कुछ तस्वीरें भी लीं.




अटलांटिक महासागर की 10 रोमांचक तस्वीरें:-

अटलांटिक महासागर में तीन मीटर चौड़ी मोबुला और बाराकुडा मच्छलियां पोषणयुक्त पानी में अपने भोजन की तलाश में 1000 मीटर (3280 फ़ीट) नीचे तक पहुंच जाती हैं.

ऊपर की तस्वीर अजोर्ज़ टापुओं के पास समुद्र के नीचे पर्वतों के उपरी हिस्से की है. समुद्र के नीचे पर्वतों की मौजूदगी समुद्र जीवों के जीवन के लिए बेहद जरूरी है.
विविधरंगी संसार

इस विशाल महासागर को रहस्यमयी माना जाता है इसके पानी के शानदार प्रवाह, नाटकीय अंडरवाटर ज्वालामुखियों और वन्य जीवों के विविधरंगी संसार के कारण.

फ़ोटो क्रेडिट- टेड गिफ्रोड्स

अटलांटिक महासागर की कुछ वनस्पतियां खुद से चमकती हैं क्योंकि यहां तो सूर्य की रोशनी नहीं पहुंचती है.
उपर की तस्वीर में इन वनस्पतियों के रंग को देखिए, अल्ट्रावायलेट रंग की चमक बिलकुल प्राकृतिक है.

फ़ोटो क्रेडिट- कोरीन कैविलएर

टारपोन नाम की यह समुद्री मछली अपने शिकार पर तूफ़ानी गति से हमला करती है. शिकार पर यह करीब 64 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हमला करती है. यह बड़े आकार की मछली है. इसकी लंबाई अमूमन पर 2.5 मीटर की होती है.

नार्दन लाइट्स की इस तस्वीर को देख कर चौंकिए नहीं. यह अटलांटिक महासागर में नहीं देखी जा सकती है. उत्तरी ध्रुव के आसमान में ही यह नज़र आती है. दरअसल विद्युतीय आवेशित कणों के पृथ्वी के वायुमंडल और चुम्बकीय क्षेत्र में आने पर होने वाली टक्कर से यह रोशनी पैदा होती है. बहरहाल, यह तस्वीर आकर्टिक नॉर्वे से ली गई है जो अटलांटिक महासागर से सटा हुआ है.


फ़ोटो क्रेडिट- डेव मदरशॉ

‘अटलांटिक – द वाइल्डेस्ट ओशन ऑन अर्थ’ कार्यक्रम बनाने में शामिल कैमरामैन रोजर होरोक्स ने एजोरेक्स द्वीप पर ख़तरनाक व्हेल को कुछ इस अंदाज़ में अपने कैमरे में क़ैद किया. व्हेल सिलिंडर वाले आकार के होने और शानदार तैराक होने के चलते अटलांटिक महासागर के विशाल दायरे तक सफ़र कर लेती हैं.

फ़ोटो क्रेडिट- डेव मदरशॉ

अटलांटिक महासागर के इलाकों में काले और सफेद रंग का पक्षी इम्पीरियल शैग पाया जाता है, जो अपने शिकार के लिए पानी में गोता भी लगा सकता है. इसके शरीर पर कोई चर्बी नहीं होती है. पांव बेहद मज़बूत होते हैं जबकि पैर झिल्लीदार होते हैं. इस तस्वीर में ये पक्षी फॉल्कलैंड द्वीप से सटे पठारों पर बसेरा डाले दिख रहे हैं.


फ़ोटो क्रेडिट- कोरीन कैविलएर

इस तस्वीर में व्हेल अपने बच्चे के साथ आराम की मुद्रा में दिखाई दे रही है. यह तस्वीर डोमेनिक रिपब्लिक के सिल्वर बैंक के शांत जल की है. सिल्वर बैंक काफी मशहूर है. यहां शताब्दियों पहले कई स्पेनिश जहाज़ डूब गए थे.

फ़ोटो क्रेडिट- टेड गिफ्रोड्स

मिड-अटलांटिक रिज़ पृथ्वी पर पर्वतों की सबसे लंबी श्रृंखला के लिए मशहूर है. इस तस्वीर में कैमरामैन रोजर होरोक्स एजोरा द्वीप समूह के पास से गुजरने वाली मछलियों का वीडियो बना रहे हैं.

फ़ोटो क्रेडिट- डेविड मदरशॉ

यह फॉल्कलैंड द्वीप समूह पर समुद्री शेरों की तस्वीर है. ये शेर पानी के अंदर पेंगुइन का पीछा करने में भी सक्षम हैं.

फ़ोटो क्रेडिट- मेडेलिना बोटो

मध्य अटलांटिक महासागर में पश्चिमी अफ़्रीका के तट से करीब 570 किलोमीटर दूसर केप वर्डे स्थित है. यह 10 ज्वालामुखीय द्वीपों का देश है. यहां के मछुआरे अपने प्लास्टिक की नावों में मछली पकड़ने के लिए अटलांटिक महासागर में निकलते हैं.

Article & images from bbc

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