जानिये संस्कृत भाषा का वो सच ,जिसके आगे दुनिया हुई नतमस्तक …..

संस्कृत भारत की एक शास्त्रीय भाषा है। यह दुनिया की सबसे पुरानी उल्लिखित भाषाओं में मानी जाती है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती के नाम से भी जाना जाता है। आधुनिक भारतीय भाषाएँ जैसे हिन्दी,मैथिली, उर्दू, कश्मीरी,पंजाबी, उड़िया, बांग्ला, सिन्धी,मराठी, नेपाली, आदि इसी से उत्पन्न हुई हैं। इन सभी भाषाओं में यूरोपीय बंजारों की रोमानी भाषा भी शामिल है।धर्म के अनुसार,संस्कृत भाषा से ही धरती की हर कथ्य भाषा उत्पन्न हुई है । संस्कृत में हिन्दू धर्म से सम्बंधित लगभग सभी धर्मग्रन्थ लिखे गये हैं। बौद्ध मत तथा जैन मत के भी कई महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ भी संस्कृत में ही लिखे गये हैं। आज भी हिन्दू धर्म के अधिकतर यज्ञ और पूजा संस्कृत में ही होती हैं। आज लगभग सभी देश संस्कृत जानना और समझना चाहते है इसके लिए वे कई कार्य कर रहे है मगर भारत इसके लिए कोई खास कदम नही उठा है है ऐसे में कही हमारे हाथ से अमूल्य निगिना निकल ना जाये | आईये जानते है संस्कृत के बारे में ऐसे रोचक तथ्य जो आपको गर्व से भर देंगे ……

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1. नासा के वैज्ञानिको द्वारा बनाए जा रहे 6th और 7th जेनरेशन Super Computers संस्कृत भाषा पर आधारित होंगे जो 2034 तक बनकर तैयार हो जाएंगे।

2. संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक भाषा है।

3. संस्कृत को धरती पर बोली जाने वाली सभी भाषाओं की जननी माना जाता है।

4. NASA के मुताबिक, संस्कृत धरती पर बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट भाषा है। इसी कारण यह कम्प्यूटर सिस्टम कई लिए सर्वाधिक उपयुक्त है |

5. संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द है वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द उपस्थित है। जो ककी एक बहुत बड़ा शब्द कोश है |

6. किसी भी विषय के लिए संस्कृत एक अद्भुत खजाना है। जैसे हाथी के लिए ही संस्कृत में 100 से अधिक शब्द है।

7.अरब लोगो की दखलंदाजी से पहले संस्कृत भारत की राष्ट्रीय भाषा थी।

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8. फ़ोबर्स मैगज़ीन ने जुलाई,1987 में संस्कृत को Computer Software के लिए सबसे बेहतर भाषा माना था।

9. NASA के पास संस्कृत में ताड़पत्रो पर लिखी 60,000 पांडुलिपियां है जिन पर नासा रिसर्च कर रहा है।

10. संस्कृत दुनिया की एक मात्र ऐसी भाषा है जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियो का इस्तेमाल होता है।

11. अमेरिकन हिंदु युनिवर्सिटी के अनुसार संस्कृत में बात करने वाला मनुष्य बीपी, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल आदि रोग से मुक्त हो जाएगा | संस्कृत में बात करने से मानव शरीर का तंत्रिका तंत्र सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश के साथ सक्रिय हो जाता है।

12. संस्कृत स्पीच थेरेपी में भी मददगार है और यह एकाग्रता को भी बढ़ाती है।

13.किसी अन्य भाषा के मुकाबले संस्कृत में सबसे कम शब्दो में वाक्य पूरा हो जाता है।

14. सुधर्मा अख़बार ,संस्कृत का पहला अखबार था, जो 1970 में शुरू हुआ था। आज भी इसका ऑनलाइन संस्करण उपलब्ध है।

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15.कर्नाटक के मुत्तुर गांव के लोग आज भी केवल संस्कृत में ही बात करते है।

16. नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार जब वो अंतरिक्ष ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तो उनके वाक्य उलट हो जाते थे|इस वजह से मैसेज का अर्थ ही बदल जाता था | उन्होंले कई भाषाओं का प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई | आखिर में उन्होंने संस्कृत में मैसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उल्टे हो जाने पर भी अपना अर्थ नही बदलते हैं।

17.कंप्यूटर द्वारा गणित के सवालो को हल करने वाली विधि यानि Algorithms संस्कृत में बने है ना कि अंग्रेजी में।

18.जर्मनी में बड़ी संख्या में संस्कृतभाषियो की मांग है। जर्मनी की 14 यूनिवर्सिटीज़ में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

19. संस्कृत सीखने से दिमाग तेज हो जाता है और याद करने की शक्ति बढ़ भी जाती है। इसलिए लन्दन और आयरलेंड के कई स्कूलो में संस्कृत को अनिवार्य विषय बना दिया गया है।

20. इस समय दुनिया के 17 से ज्यादा देशो की कम से कम एक University में तकनीकी शिक्षा के कोर्सेस में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

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