अबुल हसन और हारूँ रशीद की प्रेयसी शमसुन्निहर की कहानी – अलिफ लैला (Abul Hasan Haru Rashid Shamsunnihar Story Hindi – Alif Laila)

वह सुंदरी शहजादे की दशा से समझ गई कि यह मुझ पर मुग्ध है। उसने उठ कर व्यापारी को अलग ले जा कर अपनी इचिछत वस्तुओं के बारे में पूछताछ और मोलभाव किया और फिर उस शहजादे का नाम-पता पूछा। व्यापारी ने कहा, महोदया, यह नौजवान अबुल हसन है। यह बका का पुत्र है। इसका दादा ईरान का अंतिम बादशाह था। इसके परिवार की कई कन्याएँ खलीफा के वंश में ब्याही गई हैं। वह सुंदरी इस बात से बड़ी प्रसन्न हुई कि उच्चवंशीय है। उसने व्यापारी से कहा, मुझे यह नौजवान बड़ा सुसंस्कृत लगता है और इसके साथ बात कर के मुझे बड़ी प्रसन्नता होती है। आप की सहायता से मुझे इससे भेंट होने की आशा है। मैं एक विशेष दासी को आपके पास भेजूँगी। उस समय आप इसे अपने साथ ले कर मेरे यहाँ आएँ। मैं इसे अपने बाग और महल की सैर कराऊँगी और इससे उसका जी खुश होगा। आप मुझ पर कृपा कर के इसे अपने साथ जरूर लाएँ।

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