अगर ये सात महान कहानियां आपने जान ली तो आपको गर्व होगा अपने हिन्दुस्तानी होने पर …

पूरी दुनिया अपने लिए जी रही है ,हर कोई अपने लिए कुछ न कुछ कर ही रहा है मगर क्या आप किसी और के लिए या अपने देश के लिए कुछ कर रहे है | सच्चा आनंद इसी में है की आप दूसरो के लिए निस्वार्थ भाव से कुछ करे | जब आप ऐसा करेंगे तो आपको सच्चे सुख का एहसास होगा | आज भारत में बहुत से ऐसे बहुत से लोग है जो इस देश के लिए कुछ ना कुछ कर रहे है जो देश के लिए गौरव की बात है आइये आज हम आपको ऐसे ही लोगो की कहानी बतायेंगे जिसे जानकर आपको हिन्दुस्तानी होने पर गर्व होगा ……

1. जाधव “Molai” Payeng ~
जाधव जब 16 साल के थे, तब वह अपने गांव के आसपास की रेतीली जगह देखकर काफी दुखी हो गए थे, क्‍योंकि यहां सूखे की वजह से कई सरीसृप जीव मर गए थे। ऐसे में जाधव ने यहां पर पेड़ लगाना शुरू किया, इसमें उन्‍होंने किसी का सहारा नहीं लिया और आज जब वे 35 साल के हो चुके हैं उन्‍होंने लगभग 1360 एकड़ का जंगल बना दिया है। जिसमें अनेक जीव-जंतु रहते हैं।

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2. रवि गुलाटी ~
आईआईएम से ग्रेजुएशन करने के बाद रवि गुलाटी कनाडा में नौकरी करने लगे थे। हालांकि हर स्‍टूडेंट का विदेश जाकर नौकरी करने का सपना होता है, अपने सपने को पूरा करने के कुछ सालों बाद ही वह नौकरी छोड़कर भारत वापस आ गए। और उन्‍होंने दलित और तमाम सुख-सुविधाओं से वंचित बच्‍चों को ट्यूशन देने की जिम्‍मेदारी ली। आज रवि गुलाटी दिल्‍ली के खान मार्केट में गरीब बच्‍चों को पढ़ाते हैं।

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3. डॉ. थॉमस ~
डॉ. थॉमस अग्‍िन-5 मिसाइल की प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर भी रही हैं।भारत के मिसाइल प्रोजेक्‍ट में डॉ. थॉमस का अहम योगदान रहा है | Defence research and Development Organisation of India (DRDO) में उनके बड़े-बड़े कामों के चलते उन्‍हें ‘मिसाइल वुमेन ऑफ इंडिया’ कहलाया जाता है।

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4. बाबर अली ~
बाबर अली ने गरीब बच्‍चों को पढ़ाने का एक शुभ कार्य प्रारम्भ किया है | वह खुद स्‍कूल में पढ़ता है और वहां से आने के बाद समय मिलने पर छोटे बच्‍चों को पढ़ाता है। बाबर के इस साहसी काम को देखते हुए उसे ‘दुनिया का सबसे युवा टीचर’ कहा जाने लगा। बाबर की उम्र सिर्फ 16 साल की है और वह एक स्‍कूल चला रहा है।

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5. सुभाषिनी मिस्‍त्री~

एक छोटे से गांव हंसपुकुर में रहने वाली सुभाषिनी मिस्‍त्री के पति की उचित चिकित्‍सा सुविधा न मिल पाने के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बच्‍चों ने भी उन्‍हें जब नहीं सहारा दिया। आखिर में सुभाषिनी ने अपने पास इकठ्ठे पैसों और गांव वालों की मदद से अस्‍पताल खोला। आज यहां हर बीमारी का इलाज होता है।

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6.वेंकटेश ~
स्‍कूल से निकाला गया चेन्‍नई का वेंकटेश आज लगभग 450 से ज्‍यादा लोगों को डूबने से बचा चुका है। वह चेन्‍नई के मारिना बीच पर पेट्रोलिंग करता है और जो लोग डूब रहे होते हैं उन्‍हें बचाकर बाहर ले आता है। वह यह काम बिलकुल फ्री में करता है।

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7. मनोहर  ~
मनोहर ने भारत के लिए तीन बार गोल्‍ड मेडल जीता। मनोहर ब्रिटिश एयरफोर्स में हुआ करते थे तब अपने सीनियर को थप्‍पड़ मारने केकारण उन्हें बंदी बना लिया गया था | हालांकि बाद में बाहर निकलने पर उन्‍होंने बॉडीबिल्‍िडंग में हाथ अजमाया और 1952 में वह मिस्‍टर यूनीवर्स बने। फिलहाल उनकी उम्र 100 साल से ज्‍यादा है।

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