बहुत कम लोग जानते है भारत में स्थित इन 7 ऐतिहासिक जगहों को ,जानिए इनके बारे में

भारत की वो 7 जगहें, जिन्हें कम लोग जानते हैं. यहां जाकर आपको लगेगा आप इतिहास की गोद में ह
वर्त्तमान चाहे जितना भी सुहाना हो परन्तु इतिहास जैसा बिलकुल नही हो सकता ,क्युकी इतहास के ही पदचिन्ह वर्तमान तक आते है और जो उसे वर्त्तमान बनाते है | अगर आप किसी ऐतिहासिक जगह पर जाते है तो आप जानेंगे की आप उस इतिहास को अपने अन्दर महसूस कर रहे है यही है वर्त्तमान और इतहास का जुडाव, बहुत से ऐसे ऐतिहासिक स्थान है जिनको आप जानते होंगे और बहुत सी जगहों पर गये भी होंगे परन्तु कुछ ऐसे भी स्थान है जिनको आप नही जानते होंगे हम आपको ऐसे ही कुछ स्थानों के बारे में बतायेंगे जिससे आपको हमारी पुरानी सभ्यता, संस्कृति, जीवनशैली और कलाओं के दर्शन होंगे |

1.Bishnupur, West Bengal~
कोलकाता से लगभग 140 किलोमीटर दूर.Bishnupur, West Bengal, कोलकाता निवासियों का पॉपुलर वीकेंड डेस्टिनेशन है| यहां 7वीं शताब्दी के मध्य में बनाए गए कई मंदिर हैं, जिनमें आपको टेराकोटा कला के दर्शन होंगे| टेराकोटा कला राजस्थान की एक प्रसिद्ध हस्तकला है| इस कला में मिट्टी को पकाकर बनाया जाता है चीजो को बनाया जाता है | यहां सबसे ज़्यादा 17वीं शताब्दी में बने टेराकोटा कलाओं वाले 21 मंदिर हैं|

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2. Ruins of Devrani and Jethani Temples, Bilaspur~
बिलासपुर छत्तीसगढ़ का एक बड़ा शहर है| यहां से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर 5वीं शताब्दी में बना ‘देवरानी और जेठानी’ का मंदिर है|इनमें से ‘देवरानी’ मंदिर थोड़ी अच्छी हालत में हैं जबकि ‘जेठानी’ मंदिर खंडहर बन चुका है”| यहां 7 फुट ऊंची और 4 फुट चौड़ी एक प्रतिमा है, जिसका वज़न 8 टन से ज़्यादा है| इस मंदिर के स्थापत्य की कई बार नकल करने की कोशिश की गई, मगर वैसा मंदिर दोबारा कोई नहीं बना पाया|

3. Domkhar, Ladakh~
लद्दाख के दोमखर में पुराने समय में पत्थरों पर बने चित्र आपको इतिहास की सैर करायेंगे | यहां रात की हल्की रौशनी में टिमटिमाते तारों के बीच इन पत्थरों पर बैठना और इस पर उकेरी कलाकृतियां को देखना आपको आनंदित कर देगा | इन पत्थरों पर दूसरी और तीसरी शताब्दी के बीच की जीवनशैली को चित्रित किया गया है| इसे पहली बार 1902 में A.H. Francke ने खोजा था|

4.Burhanpur, Madhya Pradesh~
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर का नाम ‘शेख़ बुरहानुद्दीन’ के नाम पर पड़ा”| यहां पहाड़ों पर आपको मुग़लकालीन कई कलात्मक चित्र मिल जाएंगे| मुमताज़ की मौत के बाद पहले उसका शरीर यहीं पर 6 महीने तक दफ़न रहा जिसे बाद में ताजमहल ले जाकर दफ़नाया गया था| बुरहानपुर में जामा मस्जिद, राजा की छतरी, राजा की छतरी, गुरुद्वारा और मंदिर हैं, जहां आप घूम सकते हैं|

5. Farrukhnagar, Gurugram~
फ़ार्रुख़नगर में मुग़लकालीन कई महल, क़िले और खंडहर भी हैं| इसे पहली बार 1732 में फौजदार ख़ान ने खोजा था, जो यहां के पहले नवाब भी बने थे| यहां फौजदार ख़ान द्वारा बनवाए गए शीश महल, जामा मस्जिद और बावली हैं|

6. Unakoti, Tripura~
पहाड़ियां अगरतला से लगभग 180 किलोमीटर दूर हैं| यहां के पत्थरों पर उकेरी गई कलाकृतियां 7वीं से 9वीं शताब्दी के बीच की हैं| यहां पत्थरों पर खुदी हुई भगवान शिव की मूर्ति बेहद अद्भुत है| भगवान शिव के अलावा यहां अन्य हिन्दू देवी-देवताओं जैसे भगवान गणेश, देवी दुर्गा आदि की भी प्रतिमाएं खुदी हुई हैं|

7.The Laxman Temple, Sirpur~
छत्तीसगढ़ के सिरपुर में बने लक्ष्मण मंदिर को देखकर आपको पुराने समय की तकनीक और जानकारी पर अवश्य ही आश्चर्य होगा| यहाँ का लक्ष्मण मंदिर ईंट से बना हुआ भारत का सबसे पुराना और ख़ूबसूरत मंदिर है| ये मंदिर काफ़ी ऊंचा बना हुआ है| ये मंदिर जिस वक़्त का है, तब ऐसी तकनीक नहीं थी कि इतनी ऊंचाई तक पत्थर और ईंट ले जाया जा सके|

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