लड़की की हवस के सामने नहीं टिक पाए पति और उसके दो साथी लेकिन हद तो तब हो गयी जब, एक दिन पति…

1 मई 2017 को बरगवां थाना अंतर्गत दुधमनिया में हुई वीभत्स हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी ने अपने दो प्रेमियों के साथ हत्या का साजिश रच कर सो रहे पति और दो बच्चियों पर आग लगवा दी थी। घटना में महिला का पति और एक बेटी की मौत हो गई थी। जबकि दूसरी बच गई थी।

इस घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपियों जिनमें मृतक की पत्नी और उसका एक प्रेमी शामिल है को पुलिस ने गिरफ्तार कर कर लिया है। जबकि दूसरा प्रेमी और हत्या का अन्य आरोपी फरार है। पत्नी के प्रेमियों ने घर के बाहर रात में सोते समय पेट्रोल डालकर पति और बेटियों को जला दिया था। घटना के बाद नेहरू अस्पताल में इलाज के दौरान पति और एक बेटी की मौत हो गई थी। जबकि छोटी बेटी मौत से लड़कर जीत गई थी। लोगों को झकझोर देने वाली घटना से क्षेत्र में दहशत फैली हुई थी। पुलिस के लिए इस घटना का खुलासा करने के लिए टीम गठित की थी। रविवार को एसपी आफिस के सभागार में पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि मकान मालिक की शिकायत पर पुलिस ने मामला पंजीबद्घ कर विवेचना करने में जुटी थी। रहवासियों से पता चला कि वारदात वाले दिन पत्नी दिनभर मोबाइल पर व्यस्त थी। शक को पुख्ता करने के लिए मृतक के परिवारजन से पूछताछ करने पर पता चला की उसकी पत्नी के अवैध संबंध सोनू रस्तोगी और वेदप्रकाश तिवारी से थे।

 तीनो आरोपियों के मोबाइल सीडीआर को निकलवाया गया।सीडीआर के विश्लेषण में पाया गया की घटना वाले दिन दीक्षा रस्तोगी ने दुधमनिया वाले नए ठिकाने की लोकेशन एवं जानकारी मोबाइल के माध्यम से अपने प्रेमियों तक पहुचाई थी। पति के साथ बेटियों को भी घर से बाहर साजिश के तहत सुलाया था। पहले से तैयार प्लान के अनुसार दोनों प्रेमी घर के बाहर सो रहे मृतक रामराज रस्तोगी मृतका मासूम राधा रस्तोगी और छोटी बेटी के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने आरोपी सोनू रस्तोगी और मृतक की पत्नी दीक्षा रस्तोगी को गिरफ्तार कर पूछताछ की दोनों आरोपियों ने बताया कि घटना में तीसरा आरोपी वेदप्रकाश तिवारी भी शामिल था। जो अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।

आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए नई टेक्नोलॉजी का पूरा इस्तेमाल किया था। घटना को अंजाम देने के पहले तीनों आरोपियों ने मोबाइल स्विच ऑफ़ कर लिया था। जब घटना के दूसरे दिन सभी मोबाइल फिर ऑन हो गए वहीं आरोपी पत्नी वाट्सअप के माध्यम से दोनों प्रेमियों के ऊपर हत्या को अंजाम देने के लिए लगातार दबाव बनाती रही। मोबाइल के माध्यम से घटना की प्लानिंग भी पत्नी ने ही बनाकर आरोपियों तक पहुंची थी। इसलिए आरोपी बड़े इत्मीनान से घटना को अंजाम देकर चंदौली फरार हो गए थे॥