बच सकती थी श्री राम की जान अगर हनुमान जी से नही होती यह गलती ,जानिए रामायण की अनकही कथा …

47041
Loading...

भगवान राम ने जानबूझकर ऐसी परिस्थिति उत्पन्न की थी ताकि वे इस संसार को छोड़ सकें। इसके लिए उन्होंने सर्वप्रथम हनुमान को अयोध्या से दूर कर दिया अगर हनुमान को श्री राम की इस योजना के बारे में पता चल जाता तो वे कभी अयोध्या छोड़कर नहीं जाते और उनके रहते काल के देवता अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सकते थे, क्योकि हनुमान ने श्रीराम की रक्षा की जिम्मेवारी खुद अपने कंधों पर ले रखी थी।

श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया
श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया

श्री राम को पता था कि काल के देवता उनसे मिलने आने वाले हैं। उन्होंने हनुमान को खुद से दूर करने के लिए एक योजना बनायीं । उन्होंने अपनी एक अंगुठी फर्श के एक दरार में डाल दी और हनुमान को वह अंगूठी ढ़ूंढ़ने की आज्ञा दी। हनुमान ने अंगूठी निकालने के लिए अपना आकार दरार जितना ही कर लिया और उसमे समा गए। दरार में प्रवेश करने के बाद हनुमान को पता चला कि यह कोई साधारण दरार नहीं है क्योंकि वह खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी। हनुमान उस दरार में गहरा समाते गए और कई दिनों तक सफर करने के बाद नागलोक पहुंचे। इधर काल के देवता एक वृद्ध संत का भेष धरकर राम से मिलने आए।

श्री राम ने लक्ष्मण को आदेश दिया कि जब तक वृद्ध संत से उनकी वार्तालाप समाप्त न हो तब तक कोई विघ्न न डाले और ऐसा करने वाले को मृत्युदंड दिया जाए। श्री राम की आज्ञा पाकर लक्ष्मण बाहर पहरा देने लगे पर तभी वहां अपनी क्रोध के लिए मशहूर दुर्वासा ऋषि आ पहुंचे। श्री राम से तत्काल मिलने को कहा लेकिन जब लक्ष्मण ने मना किया तो उन्होंने श्रीराम को श्राप देने की धमकी दी । श्री राम को ऋषि के श्राप से बचाने के लिए लक्ष्मण ने स्वंय ही मृत्युदंड का वरण करना उचित समझा और वे उस कक्ष में प्रवेश कर गए जहां राम उस वृद्ध संत से वार्ता कर रहे थे।

श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया
श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया
Loading...

भाई से स्नेह के कारण श्री राम ने उन्हें मृत्युदंड तो नहीं दिया पर देश से निर्वासित जरूर कर दिया। लक्ष्मण को श्री राम से अलग होकर एक क्षण भी जीना मंजूर नहीं था और उन्होंने सरयू में जाकर जल समाधि ले ली । लक्ष्मण से बिछड़ने के बाद उदास श्रीराम ने भी कुछ दिनों बाद सरयू नदी में जल समाधि ले लिया।

श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया
श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया

इधर हनुमान ने नागलोक के राज वासुकि को श्री राम की खोई हुई अंगूठी के बारे में बताया। वासुकि ने हनुमान को अंगूठियों का एक विशाल पहाड़ दिखाते हुए कहा कि वहां श्री राम की अंगूठी मिल जाएगी। हनुमान सोच में पड़ गए कि इस अंगूठियों के पहाड़ से वे श्री राम की अंगूठी कैसे खोजें। उन्होंने आगे बढ़कर एक अंगूठी उठाई और पाया की वह श्रीराम की ही है। उन्होंने जब दूसरी अंगूठी उठाई तो वह भी श्री राम की ही निकलीं। हनुमान ने पाया कि वहां मौजूद सभी अंगूठियां श्री राम की ही हैं। हनुमान को यह समझते हुए देर न लगी कि यह सब भगवान राम की ही रची हुई लीला है।

श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया
श्री राम की जल समाधी ,गज़ब दुनिया

वासुकि ने आकर हनुमान को समझाया कि इस पृथ्वी पर जो भी आता है उसे एक दिन जाना पड़ता है।हनुमान अब यह समझ चुके थे कि जब तक वे वापस अयोध्या पहुंचेंगे श्रीराम इस लोक को छोड़ का जा चुके होंगे अगर हनुमान को राम के इस लीला की पहले भनक लग जाती तो वे अयोध्या छोड़कर कभी नहीं जाते और उनके अयोध्या में रहते काल देव नगर में प्रवेश नहीं कर पाते। राम की इस लीला को समझने में बुद्धि के देवता हनुमान की इस चूक के कारण ही राम पृथ्वीलोक को छोड़कर जा पाए।

YOU MAY LIKE
Loading...