बेवफा शायरी…जितना तुम बदले हो…Bewafa Shayari Hindi

जितना तुम बदले हो…

माना कि मोहब्बत की ये भी एक हकीकत है फिर भी,
जितना तुम बदले हो उतना भी नहीं बदला जाता।

तूने ही सिखाई बेवफाई…

इल्जाम न दे मुझको तूने ही सिखाई बेवफाई है,
देकर के धोखा मुझे मुझको दी रुसवाई है,
मोहब्बत में दिया जो तूने वही अब तू पाएगी,
पछताना छोड़ दे तू भी औरों से धोखा खायेगी।

वो बेवफा न लगे…

न जाने क्या है..? उसकी उदास आंखों में,
वो मुँह छुपा के भी जाये तो बेवफा न लगे।

अदाओं में बेरुखी…

नफरत को मोहब्बत की आँखों में देखा,
बेरुखी को उनकी अदाओं में देखा,
आँखें नम हुईं और मैं रो पड़ा…
जब अपने को गैरों की बाहों में देखा।

गैरों के लिए महके…

जिन फूलों को संवारा था
हमने अपनी मोहब्बत से,
हुए खुशबू के काबिल तो
बस गैरों के लिए महके।