ये हैं दुनिया के 15 सबसे प्राचीन और अदभुत चमत्कारिक मंदिर, पढ़िये इन मंदिरों की अनसुनी कहानी

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हिन्दू धर्म में मंदिर का बहुत महत्त्व है। स्वर्ग के सामान पवित्र मंदिर प्रभु की आराधना का प्रमुख स्थान है। हिन्दू मंदिर अपनी प्राचीनता और मान्यता के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। कई मंदिर ऐसे हैं, जिनका इतिहास हजारों साल पुराना भी है, साथ ही कुछ मंदिरों के महत्व के बारे में धर्म-ग्रंथों में भी वर्णन मिलता है। आज हम आपको दुनियाभर के ऐसे ही 15 सबसे प्राचीन मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न सिर्फ प्राचीन हैं बल्कि बहुत ही चमत्कारी भी हैं आईये जानते है इनके बारे में ……

1. मीनाक्षी अम्मन मंदिर (तमिलनाडु)

तमिलनाडु में मदुरै शहर में स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव व मीनाक्षी देवी पार्वती का है। मीनाक्षी मंदिर पार्वती के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। मंदिर का मुख्य गर्भगृह 3500 वर्ष से अधिक पुराना माना जाता है।

2. श्री जगन्नाथ मंदिर (उड़ीसा)

श्री जगन्नाथ मंदिर (उड़ीसा), गजब दुनिया

पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर एक हिन्दू मंदिर है, जो भगवान श्रीकृष्ण का है। यह भारत के उड़ीसा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। इनकी नगरी ही जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाती है। इस मंदिर को हिन्दुओं के चार धाम में से एक गिना जाता है। यह वैष्णव सम्प्रदाय का मंदिर है। यह मंदिर हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है।

3. तिरूपति बालाजी मंदिर (आंध्रप्रदेश)

तिरूपति बालाजी मंदिर (आंध्रप्रदेश), गजब दुनिया
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तिरूपति बालाजी का मंदिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में है। यह मंदिर वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। मंदिर सात पहाड़ों से मिलकर बने तिरूमाला के पहाड़ों पर बसा है। कहते हैं कि तिरूमाला की पहाडिय़ां विश्व की दूसरी सबसे प्राचीन पहाडियां है। इस तिरूपति मंदिर में भगवान वैंकटेश्वर निवास करते हैं। भगवान वैंकटेश्वर को विष्णुजी का अवतार माना जाता है। यह मंदिर समुद्र तल से 2800 फिट की ऊंचाई पर है। इस मंदिर को तमिल राजा थोडईमाननें ने बनवाया था। इस मंदिर में लगभग 50,000 श्रृद्धालु रोज दर्शन करने आते हैं।

4. कटासराज मंदिर (पाकिस्तान)

कटासराज मंदिर (पाकिस्तान), गजब दुनिया

कटासराज मंदिर पाकिस्तान के चकवाल गांव से लगभग 40 कि.मी. की दूरी पर कटस में एक पहाड़ी पर है। कहा जाता है कि यह मंदिर महाभारत काल (त्रेतायुग) में भी था। इस मंदिर से जुड़ी पांडवों की कई कथाएं प्रसिद्ध हैं। मान्यताओं के अनुसार, कटासराज मंदिर का कटाक्ष कुंड भगवान शिव के आंसुओं से बना है। इस कुंड के निर्माण के पीछे एक कथा है। कहा जाता है कि जब देवी सती की मृत्यु हो गई, तब भगवान शिव उन के दुःख में इतना रोए की उनके आंसुओं से दो कुंड बन गए। जिसमें से एक कुंड राजस्थान के पुष्कर नामक तीर्थ पर है और दूसरा यहां कटासराज मंदिर में।

5. अंगकोर वट (अंगकोर,कंबोडिया)

अंगकोर वट (अंगकोर,कंबोडिया), गजब दुनिया

अंगकोर वट दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्मारकों में से एक है। कंबोडिया दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित है और अंगकोर वट यहां के मुख्य दर्शनीय स्थलों में से एक है। अंगकोर वट भगवान विष्णु को समर्पित मंदिर है। इसका निर्माण लगभग 12वीं सदी में खमेर राजा सूर्यवर्मणाम् द्वितीय ने कराया था। यह मंदिर वास्तु कला का एक अद्भुत उदाहरण है। इस मंदिर को यूनेस्को ने विश्व विरासत स्थलों में भी शामिल किया है।

6. वैष्णो देवी मंदिर (जम्मू-कश्मीर)

वैष्णो देवी मंदिर (जम्मू-कश्मीर), गजब दुनिया

भारत में हिन्दुओं का पवित्र तीर्थस्थल वैष्णो देवी मंदिर है, जो त्रिकुटा हिल्स में कटरा नामक जगह पर 1700 मी. की ऊंचाई पर बसा है। मंदिर के पिंड एक गुफा में स्थापित है, गुफा की लंबाई 30 मी. और ऊंचाई 1.5 मी. है। लोकप्रिय कथाओं के अनुसार, देवी वैष्णों ने इस गुफा में छिपे एक राक्षस का वध कर दिया था। मंदिर का मुख्य आकर्षण गुफा में रखे तीन पिंड है। इस मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की है। आंध्र प्रदेश के तिरुमला वैंकटेश्वर मंदिर के बाद इसी मंदिर में भक्तों द्वारा सबसे ज्यादा दर्शन किए जाते हैं। यहां हर साल लगभग 500 करोड़ रुपए का दान आता है। यह भारत का सबसे प्राचीन देवी मंदिर माना जाता है।

7. सोमनाथ मंदिर (गुजरात)

सोमनाथ मंदिर (गुजरात), गजब दुनिया

सोमनाथ एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह पर स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। इसे अब तक 17 बार नष्ट किया गया है और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया। सोमनाथ में हर साल करोड़ों को चढ़ावा आता है। इसलिए, ये भारत के अमीर मंदिरों में से एक है।

8. काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी)

काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), गजब दुनिया

काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, यह वाराणसी में है। काशी विश्वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्ट स्थान है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वर्तमान मंदिर का निर्माण महारानी अहिल्या बाई होलकर ने वर्ष 1780 में करवाया गया था। बाद में महाराजा रंजीत सिंह द्वारा 1853 में 1000 कि.ग्रा शुद्ध सोने से मढ़वाया गया था। काशी विश्वनाथ भी भारत के अमीर मंदिरों में से एक है। यहां हर साल करोड़ों का चढ़ावा आता है।

9. पद्मनाभ स्वामी मंदिर (केरला)

पद्मनाभ स्वामी मंदिर (केरला), गजब दुनिया

पद्मनाभ स्वामी मंदिर भारत का सबसे अमीर मंदिर है। यह तिरुवनंतपुरम् शहर के बीच है। इस मंदिर की देखभाल त्रावणकोर के पूर्व शाही परिवार द्वारा की जाती है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और द्रविड़ शैली में बनाया गया है। मंदिर की कुल संपत्ति एक लाख करोड़ रुपए की है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति विराजमान है, जिसे देखने के लिए हजारों भक्त दूर-दूर से यहां आते हैं।
इस प्रतिमा में भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं। मान्यता है कि तिरुअनंतपुरम नाम भगवान के अनंत नामक नाग के नाम पर ही रखा गया है। यहां पर भगवान विष्णु की विश्राम अवस्था को पद्मनाभ कहा जाता है और इस रूप में विराजित भगवान पद्मनाभ स्वामी के नाम से विख्यात हैं।

10. पंचमुखी हनुमान मंदिर (कराची)

पंचमुखी हनुमान मंदिर (कराची), गजब दुनिया

कराची के इस हनुमान मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना है। कहा जाता है कि इस मंदिर की पंचमुखी हनुमान मूर्ति कई हजारों साल पुरानी है। कुछ जगह पर उल्लेख मिलता है कि भगवान राम भी इस जगह एक बार आ चुके हैं। अविभाजित भारत (भारत-पाक विभाजन से पहले) का हिस्सा रहे इस एतिहासिक मंदिर में हनुमानजी के दर्शन के लिए सुबह से शाम तक भक्‍तों की भीड़ लगी रहती है। माना जाता है कि जिस जगह पर यह मंदिर है, वहां से11 मुट्ठी मिट्टी हटाने पर यह पंचमुखी हनुमान मूर्ति प्रकट हुई थी। इसलिए इस मंदिर का और अंक 11 का गहरा संबंध है। इस मंदिर में भगवान हनुमान की 11 परिक्रमा लगाने पर भक्तों की सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं और उनकी सारी इच्छाएं पूरी होती हैं।

11. गुरुवयुर मंदिर (केरला)

गुरुवयुर मंदिर (केरला), गजब दुनिया
गुरुवयुर मंदिर (केरला), गजब दुनिया

गुरुवयुर श्री कृष्ण मंदिर गुरुवयुर केरला में है। यह मंदिर विष्णु भगवान का सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है। कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 5000साल पुराना है। गुरुवयुर मंदिर वैष्णवों की आस्था का केंद्र है। अपने खजाने के कारण यह मंदिर भी भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है। यहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

12. सिंघसरी शिव मंदिर (जावा)

सिंघसरी शिव मंदिर (जावा), गजब दुनिया
सिंघसरी शिव मंदिर (जावा), गजब दुनिया

13वीं शताब्दी में बना सिंघसरी मंदिर पूर्वी जावा के सिंगोसरी में बना हुआ है। यह विशाल मंदिर अपनी भव्यता के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर में भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा है। यहां पर रोज बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और भगवान शिव से संबंधी सभी त्योहार बड़ी धूम-धाम से मनाए जाते हैं।

13. मुंडेश्वरी मंदिर (बिहार)

मुंडेश्वरी मंदिर (बिहार), गजब दुनिया
मुंडेश्वरी मंदिर (बिहार), गजब दुनिया

बिहार का मुंडेश्वरी मंदिर भारत के प्राचीन शिव मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को लगभग 1700 साल पुराना माना जाता है। इस मंदिर में भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की भी पूजा की जाती है। अपनी प्राचीनता और पौराणिक महत्वों के लिए यह मंदिर भारत के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है।

14. तनह लोट मंदिर (बाली)

तनह लोट मंदिर (बाली), गजब दुनिया
तनह लोट मंदिर (बाली), गजब दुनिया

भगवान विष्णु का यह मंदिर इंडोनेशिया के बाली में एक विशाल समुद्री चट्टान पर बना हुआ है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर 16वीं शताब्दी में निर्मित बताया जाता है। यह मंदिर अपनी खूबसूरती के कारण इंडोनेशिया के मुख्य आकर्षणों में से एक माना जाता है। यह मंदिर बाली द्वीप के हिन्दुओं की आस्था का बड़ा केंद्र हैं।

15. पशुपतिनाथ मंदिर (काठमांडू, नेपाल)

पशुपतिनाथ मंदिर (काठमांडू, नेपाल), गजब दुनिया
पशुपतिनाथ मंदिर (काठमांडू, नेपाल), गजब दुनिया

पशुपतिनाथ का मतलब होता है संसार के समस्त जीवों के भगवान। मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण लगभग 11वीं सदी में किया गया था। दीमक की वजह से मंदिर को बहुत नुकसान हुआ, जिसकी कारण लगभग 17वीं सदी में इसका पुनर्निर्माण किया गया। मंदिर में भगवान शिव की एक चार मुंह वाली मूर्ति है। इस मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति तक पहुंचने के चार दरवाजे बने हुए हैं। वे चारों दरवाजे चांदी के हैं। यह मंदिर हिंदू और नेपाली वास्तुकला का एक अच्छा मिश्रण है।

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