एक ऐसा फोटोग्राफर जिसने 10 साल लगा दिया एक ही फोटो लेने में !

अगर काम के प्रति लगाव हो और उसे पूरा करने की जिद्द हो तो समय मायने नहीं रखता. उस काम को करने के लिए कई बार सारी जिंदगी कम पड़ जाती है. इसको सबसे बेहतर तरीके से एक्टर्स की लाइफ से समझा जा सकता है. वो अपनी पूरी जिंदगी एक्टिंग के संघर्ष में लगा देते हैं. भले ही उन्हें अंत में निराश होकर अपने गाँव लौटना पड़ता है, लेकिन वो कभी संघर्ष को कम नहीं करते और न ही मनोबल गिराते हैं.

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ऐसे ही जीवट के लोगों के एक ऐसा फोटोग्राफर अपना नाम दर्ज करा चुका है, जिसके कैमरे में केवल एक ही फोटो लेने के लिए न जाने कितने साल बीत गए. उसकी जिद्द थी कि वो एक ही जगह को समय समय पर कैमरे में कैद करेगा.

उसे लोगों ने बहुत कहा कि वो और भी चीज़ों की फोटो ले सकता है, लेकिन उसने अपनी जिद्द नहीं छोड़ी. ये फोटोग्राफर हमारे देश का नहीं है, लेकिन इसकी कहानी पढ़ने के लिए हर देश के युवा उत्साह बनाए हुए हैं. यूक्रेन के फोटोग्राफर Yevhen Kotenko ने अपनी लाइफ के दस साल सिर्फ एक बेच के साथ फोटोग्राफी में ही निकाल दिए.

कई बार इन्हें लोगों ने कहा कि फोटोग्राफर हो तो दुनिया की और भी तस्वीरें लो, लेकिन इनकी जिद्द तो एक ही बेच में समायी हुई थी.

कोटेंको एक ऐसी बेच के पीछे पड़ गए थे, जिसके अलग अलग शेड को दर्शाने के लिए उन्होंने अपने १० साल यूँ ही निकाल दिए. कोटेंको ने १० साल में इस बेंच की अलग अलग फोटो ली, जो दर्शाता है कि सच में मौसम के साथ साथ आसपास का माहौल भी बदल जाता है.

जी हाँ, फोटोग्राफी का जूनून जब सवार होता है तो कुछ लोग ऐसा ही करते हैं. उन्होंने दस साल एक पार्क की बेंच के फोटोग्राफी प्रोजेक्ट में ही इन्वेस्ट कर दिया. पार्क में और भी चीज़ें थीं, लेकिन कोटेंको का ध्यान तो बस उसी बेंच पर था.

आपको जानकर हैरानी होगी कि सच में उस १० साल में बेंच की हालात बदलती रही. कुछ साल में इस बेंच के साथ बहुत कुछ बदल चूका था यहाँ तक की उसका रंग भी बदल गया था, लेकिन कुछ चीज़े थी जो नहीं बदली थी. इस पर कोटेंको ने कहा कि, ‘मैंने खुद को कोई टाइम लिमिट नहीं दी थी न ही कोई गोल दिया था.

मैं सिर्फ किचन में जाता था और खिड़की से बाहर देखता रहता था. हर बार वहां पर कुछ ना कुछ देखने को होता ही था. ऐसी बहुत सी चीज़े थी जो बुरी भी हुई हैं लेकिन उनके बारे में ना सोचना ही ठीक रहेगा.’ एक आर्टिस्ट ही इतना समय किसी चीज़ पर दे सकता है.

कोटेंको ने आगे कहा कि अब उस घर में उनके माता-पिता रहते हैं और उस नज़ारे को देखते हैं. कोंटेंको की फोटो जब कई प्रदर्शनी में लगी तो एकटक बस उसे ही देखते रहे. उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि एक ही जगह समय के साथ इतनी बदल जाएगी.

ये है वो फोटोग्राफर – ऐसी जिद्द अगर सब में दिख जाए तो हर किसी का सपना पूरा हो जाए. हर इंसान अपने सपने को पूरा कर लाइफ को सही तरह से बिता दे.

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