10 गुप्त रहस्य महाभारत युद्ध के जो उठाएंगे महाभारत के रहस्यों से पर्दा

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महाभारत को हिन्दू सनातन धर्म में पांचवा वेद माना जाता है. लेकिन वर्तमान पीढ़ी महाभारत के बारे में कितना जानती हे ? और जितना जानती हे वो क्या काफ़ी है ? कहा जाता हे की महाभारत में एक अच्छा जीवन जीने की वो सभी विधियां अथवा कलाए लिखी गई हैं जो आवश्यक हे . युद्ध के बाद महाभारत का क्या हुआ होगा ? आप ये जान कर दंग रह जाएंगे कि युद्ध के बाद महाभारत शुरू हुई थी, महाभारत में छिपे रहस्य के आस-पास भी हम नहीं पहुंच पाए हैं. आज हम उन रहस्यों से पर्दा उठाने के कोशिश करेंगे जिनके बारे में आपने कभी सुना भी नहीं होगा. तो आइये जानते हे उन रहस्यों के बारे में …

1. 18 के आंकड़ों का रहस्य

महाभारत के युद्ध की बात करे तो वो 18 दिनों तक चला था, इस युद्ध की समाप्ति के बाद मात्र 18 योद्धा ही जीवित बचे थे , दोनों पक्षों अर्थात कौरवों और पांडवों की कुल सेना 18 अक्षोहिनी थी , महाभारत ग्रन्थ के 18 अध्याय हैं, भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को 18 दिनों तक गीता का ज्ञान दिया था. गीता में भी 18 अध्याय हैं. , ये 18 के आंकड़ों के पीछे का रहस्य आज तक कोई नहीं समझ पाया है

2. अश्वत्थामा

कौरवों और पांडवों के गुरू द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा जो की बहुत अधिक शक्तिशाली और कई दिव्य शक्तियों का राजा था , लेकिन युद्ध के दौरान ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल करने के कारण .श्री कृष्ण क्रोधित हो गए थे और ईसी कारण से भगवान श्री कृष्ण ने अमरता का श्राप दिया और कहा की ‘तू इतने वधों का पाप ढोता हुआ ३००० वर्ष तक निर्जन स्थानों में भटकेगा, तू कई बीमारियों से ग्रसित रहेगा और तेरे शरीर से हमेशा रक्त की दुर्गंध आती रहेगी, ‘. आज भी लोगो का मानना हे की अश्वत्थामा पृथ्वी पर जीवित हे और लोगो के द्वारा उसे अलग – अलग जगहों पर देखे जाने की बात कही जाती है. अब इन बातों में सच्चाई है या नहीं और हे तो कितनी इसके बार में अंदाज़ा लगाना कठिन हे .

3. विमान और परमाणु शस्त्र

ऐसा माना जाता है कि महाभारत काल में परमाणु बम थे और महाभारत में सौप्तिक पर्व के अध्याय 13 से 15 तक ब्रह्मास्त्र के परिणामो के बारे में उल्लेख किया गया हे तथा मोहन जोदड़ो की खुदाई में जो कंकाल मिले थे उन में भी रेडिएशन का असर दिखाई दिया था , जिसे लोग महाभारत से जोड़ के देखते हैं. . । इतिहासकारो की जानकारी के अनुसार 3 नवंबर 5561 ईसा-पूर्व अश्वत्थामा ने जो ब्रह्मास्त्र छोड़ा था वह परमाणु बम ही था.

4. कौरवों का जन्म एक रहस्य

धृतराष्ट्र और गांधारी कुरु वंश के होने के कारण उनके 99 पुत्र और 1 पुत्री कौरव कहलाए । . लेकिन कहा जाता हे की जब गांधारी गर्भवती थी तो उस समय के दौरान धृतराष्ट्र ने एक दासी के साथ भोग – विलास किया जिससे कौरवों की संख्य़ा 100 हुई थी. गांधारी ने महर्षि वेदव्यास से पुत्री के लिए वरदान प्राप्त किया, लेकिन किसी कारण वश गांधारी के कोई भी बच्चा नहीं हुआ. क्रोध में आकर गांधारी ने अपने हि पेट पर जोर से मुक्का मार लिया जिससे उसका गर्भ गिर गया. जैसे ही महर्षि वेदव्यास को इस बात का पता चला तो उन्होंने गांधारी को तुरन्त प्रभाव से 100 कुएं खुदवाने को कहा, और जिसमे घी भरवा कर गर्भ से गिरे हुए बच्चे का अवशेष उसमे डाल दिया, उसके बाद जिससे कौरवों का जन्म हुआ था.

5. महान योद्धा बर्बरीक

महाभारत के युद्ध के से पहले भीम के पौत्र महान योद्धा बर्बरीक ने ये वचन था कि वो कमजोर और हारे हुए पक्ष से लड़ेगा. महान योद्धा बर्बरीक इतना शक्तिशाली था की उसके लिए तीन बाण ही काफी थे जिसके बल पर वे कौरव और पांडवों की पूरी सेना को एक साथ समाप्त कर सकता था . भगवान कृष्ण इस बात को लेकर चिन्तित थे और इस समस्या का समाधान निकालने के लिए उन्होंने एक ब्राह्मण का रूप धारण किया और बर्बरीक के सामने गए और दान में उनका शीश मांग लिया बर्बरीक वचन के पक्के थे उन्होंने अपना शीश दान कर दिया लेकिन दान देने के बाद बर्बरीक ने श्री कृष्ण से प्रार्थना की कि वे अंत तक इस युद्ध को देखना चाहते हैं, तब श्री कृष्ण ने उनकी यह बात मान ली. भगवान श्री कृष्ण ने उस शीश को अमृत से स्नान कराके सबसे ऊंची जगह पर रख दिया ताकि वे महाभारत का युद्ध देख सकें.

6. ग्रह और नक्षत्रों की चाल थी ज्योतिष का आधार

महाभारत काल में ज्योतिष, ग्रह और नक्षत्रों के आधार पर हि सभी तरह के कार्य किये जाते थे , क्योंकि उस वक्त राशियां नहीं थीं.

7. महाभारत विश्व का ‘प्रथम विश्व युद्ध’

ऐसा माना जाता है कि महाभारत विश्व का ‘प्रथम विश्व युद्ध’ था. जिमसे कई देशो कि सेनाओ ने भाग लिया था जिनमे यवन , ग्रीक, रोमन, अमेरिका और मेसिडोनियन आदि देशों की सेनाए थी ऐसा प्रसंग आता है

8. किस ने लिखी महाभारत

महाभारत के बारे में तो सभी ने सुना हे लेकिन क्या आप जानते हे की महाभारत की रचना किसने कि ? आप का जवाब वेदव्यास है तो यह आधा – अधूरा सच है. क्यों की वेदव्यास कोई नाम नहीं, बल्कि एक उपाधि थी, जो वेदों का ज्ञान रखने वाले महान पुरुषो को दी जाती थी. महाभारत की रचना 28वें वेदव्यास कृष्णद्वैपायन ने की थी.

9. अभिमन्यु कि हत्या किसने की ?

अभिमन्यु एक वीर योद्धा था , आप ने यही सुना होगा की अभिमन्यु की हत्या चक्रव्यूह में सात महारथियों द्वारा की गई थी, लेकिन यह सत्य नहीं है. महाभारत के अनुसार , अभिमन्यु ने बहादुरी से लड़ते हुए चक्रव्यूह में मौजूद 7 योद्धाओ में से एक योद्धा दुर्योधन का बेटा था जिसे अभिमन्यु ने मार गिराया था. इससे दुशासन के बेटे को क्रोध आ गया और उसने अभिमन्यु की हत्या कर दी थी.

10. तीन चरणों में महाभारत की रचना

महाभारत एक ग्रन्थ है जिसकी रचना तीन चरणों में कि गयी थी . इसके पहले चरण में 8,800 श्लोक, दूसरे चरण में 24,000 और तीसरे चरण में 1,00,000 श्लोक लिखे गए थे. 28वें वेदव्यास कृष्णद्वैपायन की महाभारत के अलावा भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे की संस्कृत महाभारत सबसे प्रामाणिक मानी जाती है.

 

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