आयुर्वेद की अद्भुत औषधी शिलाजीत के बारे में जानिए सम्पूर्ण जानकारी ,इससे होंगे आपके सारे रोग दूर ……

शिलाजीत एक गाढ़ा, लसलसेदार पदार्थ है जो हिमालय, गिलगित बल्टिस्तान, अल्ताई तथा काकेसस के पर्वतों में कभी-कभी पाया जाता है। इसका रंग सफेद से लेकर गाढ़ा भूरा के बीच कुछ भी हो सकता है। आयुर्वेद ने शिलाजीत की बहुत प्रशंसा की है जहाँ इसे बलपुष्टिकारक, ओजवर्द्धक, दौर्बल्यनाशक एवं धातु पौष्टिक अधिकांश नुस्खों में शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत की उत्पत्ति पत्थर से हुई है। गर्मी के मौसम में सूर्य की तेज गर्मी से पर्वत की चट्टानों के धातु अंश पिघल कर रिसने लगता है। इसी पदार्थ को शिलाजीत कहा जाता है। यह देखने में तारकोल की तरह काला तथा गाढ़ा होता है जो सूखने के बाद एकदम चमकीला रूप ले लेता है। शिलाजीत के सूखने पर उसमें गौमूत्र जैसी गंध आती है।

शिलाजीत के फायदे ,गज़ब दुनिया

शिलाजीत चार प्रकार का होता है – रजत, स्वर्ण, लौह तथा ताम्र शिलाजीत। प्रत्येक प्रकार की शिलाजीत के गुण तथा लाभ भी उनकी प्रकृति के ही अनुसार होते हैं।

शिलाजीत का उपयोग –

1.जिन लोगों को बहुमूत्र या बार-बार मूत्र जाने की समस्या हो उन्हें शिलाजीत, बंग भस्म, छोटी इलायची के दाने तथा वंश लोचन का समान मात्रा में मिलाकर शहद के साथ सुबह शाम सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में भी ताकत आती है और शरीर मजबूत होता है।

2.शिलाजीत का सुबह शाम दूध तथा शहद के साथ सेवन करने से शरीर बीमार नहीं पड़ता है। छोटे-मोटे इंफेक्शन ऎसे लोगों से दूर ही रहते हैं और शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

3.शारीरिक ताकत के साथ साथ दिमागी ताकत बढ़ाने के लिए भी शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है। रोजाना एक चम्मच शुद्ध मक्खन के साथ शिलाजीत का सेवन करने से दिमागी थकावट नहीं होती और व्यक्ति की याददाश्त तथा दिमाग तेज होते हैं।

4.शिलाजीत का प्रयोग ब्लड़प्रेशर को नॉर्मल करने में भी किया जाता है। शिलाजीत के प्रयोग से रक्त शुद्ध होकर नसों में रक्तसंचार बढ़ता है जिससे पूरे शरीर में कान्ति उभरती है तथा शरीर में ताकत आती है।

शिलाजीत के फायदे ,गज़ब दुनिया

5.बूढ़े होते शरीर तथा झुर्रीदार त्वचा से बचने के लिए भी शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए शिलाजीत, अश्वगंधा तथा सफेद मूसली को मिलाकर विशेष प्रक्रिया द्वारा दवा तैयार की जाती है। इस दवा के प्रयोग से सभी बीमारियां दूर होकर शरीर पुन: युवा हो जाता है।

6.जिन लोगों को मधुमेह की समस्या है, उनके लिए भी शिलाजीत बेहद कारगर है। एक चम्मच शहद तथा एक चम्मच त्रिफला चूर्ण के साथ दो रत्ती शिलाजीत मिलाकर सेवन करने से डायबिटीज पूरी तरह ठीक हो जाता है।

7.शिलाजीत खाने से हड्डियों की मुख्य बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या दूर होने के साथ हड्डियां मजबूत बनती हैं।

8.यदि आपको तनाव की समस्या होती हो तो शिलाजीत आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। शिलाजीत का सेवन करने से तनाव को पैदा करने वाले हार्मोन्स संतुलित हो जाते हैं जिससे इंसान को टेंशन की समस्या नहीं होती है।

शिलाजीत के फायदे ,गज़ब दुनिया

9.सूजन की समस्या को ठीक करता है शिलाजीत। यदि गठिया या सूजन की समस्या हो रही हो तो वे शिलाजीत का सेवन करें आपको राहत मिलेगी।

10.जब पाचनतंत्र कमजोर होता है तब इंसान के शरीर को कई बीमारियां लगने लगती है। शिलाजीत खाने से पाचनतंत्र मजबूत और स्वस्थ बनता है।

11.पैनक्रियाज और किड़नी की समस्या को भी ठीक करता है शिलाजीत। क्योंकि शिलाजीत शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखता है।

12.शरीर को तुरंत उर्जा देने की क्षमता होती है शिलाजीत में। इसमें मौजूद अधिक विटामिन और प्रोटीन की वजह से शरीर में उर्जा बढ़ जाती है।

शिलाजीत के फायदे ,गज़ब दुनिया

13.उम्र बढ़ने के साथ ही चेहरे और शरीर की त्वचा झुर्रीदार होने लगती है। ऐसे में सफेद मसूली, अश्वगंधा और शिलाजीत को मिलाकर बनाई गई दवा शरीर को फिर से जवां बनाने का काम करती है।

14.शिलाजीत का प्रयोग शीघ्रपतन की समस्या दूर कर वीर्यवर्द्धन के लिए किया जाता है। इसके लिए बीस ग्राम शिलाजीत तथा बंग भस्म में दस ग्राम लौह भस्म तथा छह ग्राम अभ्रक भस्म मिलाकर खाने से बहुत लाभ होता है। शीघ्रपतन की समस्या इससे पूर्ण रूप से दूर हो जाती है। परन्तु इस प्रयोग के दौरान खटाई, मिर्च मसाला आदि से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।

15.स्वप्नदोष की समस्या दूर करने के लिए भी शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए शुद्ध शिलाजीत, लौहभस्म, केसर तथा अम्बर का मिलाकर लेना होता है। इससे व्यक्ति की न केवल सेक्स पॉवर में सुधार आता है वरन उसका बूढ़ा शरीर भी 20 वर्ष के जवान की तरह इस प्रयोग के दौरान खटाई, मिर्च मसाला आदि से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।

शिलाजीत के फायदे ,गज़ब दुनिया

शिलाजीत सेवन में सावधानी –

शिलाजीत गर्म होता है, जिन्हें पहले से गर्मी बढ़ी हुई हो, उन्हें शिलाजीत से दूर रहकर अन्य औषधियों का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही शिलाजीत के सेवन के दौरान मिर्च-मसाले, खटाई, मांस, मछली, अंडे, शराब, रात में देर तक जागना, दिन में सोने जैसे कामों से बचना चाहिए।