बड़ा खुलासा: इस Blood Group वालों को है Coronavirus का सबसे ज्यादा खतरा ?

चीन से चले कोरोना वायरस (Coronavirus) से पूरी दुनिया हकलान है। इस वायरस का संक्रमण अबतक दुनियाभर के तकरीबन 160 देशों में पहुंच गया है। चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस की जद में अब तक दुनिया भर के तकरीबन 2,00000 लोग आ चुके हैं। इनमें से तकरीबन 8000 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 82,000 से ज्यादा लोग कोरोना से जंग जीत कर यानी स्वस्थ्य होकर घर लौट चुके हैं।

कोरोना के लक्षणों में बुखार, कफ और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं। इसके अलावा कुछ गंभीर मामलों में इन्फेक्शन की वजह निमोनिया या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। बेहद कम मामलों में ये बीमारी जानलेवा होती है। इसके लक्षणों की खास बात ये है कि ये आम फ्लू और सर्दी जुकाम की तरह ही है, जोकि किसी को भी होना आम है। इसलिए लक्षण दिखने पर भी परेशान होने से बेहतर है कि आप जांच कराएं। जांच के बाद ही पुष्टि होगी कि आप कोरोना से संक्रमित हैं या नहीं।

इस सबके बीच दुनिया भर के स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक वायरस का इलाज खोजने के साथ ही इसके फैलने के कारणों, रोकथाम के उपायों, किस उम्र के लोगों को सबसे ज्‍यादा खतरा जैसे जानकारियों की रिसर्च में जुटे हैं। ऐसे ही एक अध्‍ययन में चीन के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि किस ब्‍लड ग्रुप (Blood Group) के लोगों पर कोरोना वायरस का कितना असर पड़ेगा, यानी किस ब्‍लड ग्रुप के लोगों को कोरोना वायरस से कितना खतरा है।

चीन में हुए एक रिसर्च से खुलासा हुआ है कि ए ब्लड ग्रुप (A Blood Group) वाले लोगों में कोरोना वारयस के संक्रमण का ज्यादा खतरा होता। यानी ए ब्लड ग्रुप के लोग जल्दी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं, जबकि ओ ब्लड ग्रुप (O Blood Group) के लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा कम रहता है, यानी ओ ब्लड ग्रुप के लोगों को संक्रमित होने में थोड़ा ज्यादा वक्त लगता है। ये खुलासा चीन के हुबेई प्रांत जिनइंतान अस्पताल को शोधकर्ताओं ने किया है।

रिपोर्ट की बड़ी बातें…
ब्रिटिश अखबार डेली मेल में प्रकाशित खबर के मुताबिक वुहान में वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस से संक्रमित 2173 लोगों पर अध्ययन किया। इनमें से 206 लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई थी। ये लोग हुबेई प्रांत के तीन अस्पतालों में भर्ती थे।
कोरोना वायरस की वजह से मारे गए 206 लोगों में से 85 लोगों का ब्लड ग्रुप ए था। यानी करीब 41 फीसदी। जबकि, 52 लोगों का ब्लड ग्रुप ओ था। यानी तकरीबन 25 फीसदी।
2173 लोगों में से ए ब्लड ग्रुप वाले लोग ज्यादा संक्रमित भी थे। इसमें से 32 फीसदी ए ब्लड ग्रुप के थे जबकि 26 फीसदी लोग ओ ब्लड ग्रुप वाले थे।
रिसर्च में शामिल किए गए लोगों में ए ब्लड ग्रुप के 38 फीसदी लोग कोरोना वायरस के संक्रमण के शिकार हुए थे, जबकि ओ ब्लड ग्रुप के महज 26 फीसदी लोग ही इस वायरस से प्रभावित हुए थे।
रिसर्च में यह भी पता चला है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने से मरने वालों में ए ब्लड ग्रुप के लोगों की संख्या ज्यादा है, जबकि सबसे कम मौत ओ ग्रुप वाले लोगों की हुई है।
आपको बता दें कि चार प्रकार के ब्लड ग्रुप होते हैं। ये ग्रुप हैं A, B, AB और O। इन्हें A+, A- , B+ , B- , AB+, AB-, O+ और O- समूहों में बांटा गया है।