जीबी रोड छोड़कर स्पा सेंटरों में पहुंचीं कॉल गर्ल्‍स, बंद कमरे में होती है ‘सेक्‍स डील’

वेश्यावृत्ति को दुनिया का सबसे पुराना पेशा कहते हैं। ऎसा पेशा जो कभी खत्म नहीं हो सकता। वक्त के साथ इस धंधे को भी पहिए लग गये हैं। बाजार की जरूरत ने इसे हर जगह पहुंचा दिया है। बड़े-बड़े होटलों, आलीशान रिजॉर्ट्स और पुराने कोठों पर इसकी पहुंच तो पहले ही थी लेकिन अब इस धंधे को नया ठिकाना मिल गया है। जी हां मुल्क की राजधानी की सबसे बदनाम गली जीबी रोड पर होने वाला जिस्मफरोशी का धंधा अब कोठों की ‘बदनाम सीढ़ियां’ छोड़ कर मसाज पार्लरों में शिफ्ट हो चुका है। सीधे शब्‍दों में कहें तो मसाज पार्लर की शक्‍ल में जीबी रोड अब शहर के कई कॉलोनियों में खुल गया है।

ग्राहक नहीं चाहते ‘बदनामी की सीढ़ियां चढ़ना’ जीबी रोड पर सेक्स वर्कर्स के लिए काम करने वाले एक एनजीओ के अनुसार, यहां के कोठे देह व्यापार से ज्यादा महिलाओं की तस्करी, शोषण, आपराधिक गतिविधियों के लिए बदनाम हो चुके हैं। कुछ माह पहले जीबी रोड के कोठा मालिकों और संचालकों पर दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद कई धंधेबाज कोठों की सीढ़ियां चढ़ना छोड़ चुके हैं। ऐसे में मसाज पार्लरों ने इस धंधे को अपना लिया है। ईस्ट से लेकर साउथ दिल्ली तक कई ऐसा मसाज पार्लर है जिसमें जिस्‍म का कारोबार धड़ल्‍ले से हो रहा है।

कोठों पर ग्राहकों नहीं मिलती सुविधा, रहता है डर सर्विस एक 6×4 के सीलन भरे, दमघोंटू कमरे के तख्त पर मिलती है। जहां दीवारों पर गुटखे के दाग नजर आते हैं। कस्टमर को हर समय दलाल, कोठा नायिका या पुलिस की दस्तक का डर रहता है। यही धंधा मसाज और स्पा सेंटर के नाम पर कॉरपोरेट स्टाइल में महंगा, लेकिन ‘सुलभ और सुरक्षित’ रूप ले चुका है। ऐसे तमाम मसाज सेंटर हैं, जो नामी मॉल व कमर्शल कॉम्प्लेक्स में सेक्स सर्विस दे रहे हैं।

मसाज के नाम पर होती है बुकिंग, अंदर होती है ‘सेक्‍स डील’ मसाज पार्लर बिल्‍कुल कॉरपोरेट तर्ज पर चल रहा है। यहां मसाज के नाम पर 1000 से 1200 रुपए लिए जाते हैं। ग्राहक मसाज के लिए लड़की पसंद करता है और एसी कमरों में चला जाता है। उसके बाद वहां होती है सेक्‍स की डील। जी हां लड़की अंदर मसाज फीस के अलावा जिस्‍म बेचने का सौदा करती है। 2000 से 3000 रुपए अलग से देने पर ग्राहक सेक्‍स भी कर लेते हैं।

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