इस बार 427 साल बेहद शुभ संयोग लेकर आये हैं नवरात्रि

इस बार के शारदीय नवरात्रि 427 साल बाद एक बेहद शुभ संयोग लेकर आये हैं। इस साल गृहों के संयोग बेहद विशेष हैं।


- पंचांग के मुताबिक इन दिनों में उपासना करने का फल अभूतपूर्व साबित होगा। इस बार मां दुर्गा शनिवार के दिन घोड़े पर सवार होकर आ रही है।

- इसे सामान्य तौर पर युद्ध का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि 10 दिन हो जाने के चलते पूरा संयोग ही बेहद शुभ साबित होने वाला है। यानी युद्ध में विजय।

- पंचांग के मुताबिक अष्टमी पूजन 9 अक्टूबर को नवमी पूजन 10 जबकि दशहरा 11 अक्टूबर को मनाया जाना है।

- जानकारों के मुताबिक इस बार अभिजीत मुहूर्त धनु लग्न में आ रहा है। ऐसे में धनु लग्न में ही कलश स्थापना श्रेष्ठ है। लाभ, शुभ, अमृत (राहु काल छोड़ कर) स्थिर लग्न में घट स्थापना कर सकते हैं।

- सूर्योदय के बाद व अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना करना चाहिए। प्रतिपदा वृद्धि होने से देश में खुशहाली के संकेत हैं।

- दस दिन की नवरात्रि में दो शनिवार आएंगे यह अत्यंत शुभ संयोग है क्योंकि शनिवार को दुर्गा पूजा का हजार, लाख गुना नहीं करोड़ गुना फल मिलता है।

- ग्रह स्थिति बुध-आदित्य योग, उच्च के बुध और स्वग्रही शुक्र आदि योग से नवरात्रि अत्यंत शुभ मानी जा रही है।

- इसके साथ ही इस बार नवरात्रि में आठ दिन राजयोग, द्विपुष्कर योग, सिद्धियोग, सर्वार्थसिद्धि योग, सिद्धियोग और अमृत योग के संयोग बन रहे हैं।

- इन विशेष योगों में की गई खरीदारी अत्यधिक शुभ और फलदायी रहती है।
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