‘बुधिया सिंह: बॉर्न टू रन’ - जितना ज्यादा रोकोगे, उतना ज्यादा दौड़ूंगा

आज से 7-8 साल पहले एक बच्चा खबरों में आया था – बुधिया सिंह। बच्चा था उड़ीसा का, खूब दौड़ता था, जब रिकॉर्ड बना लिया तब हम ने और आप ने उसे दिल्ली, यूपी, बिहार और बंगाल में जाना। उस पर फिल्म बन रही है, मतलब लगभग बन ही चुकी है। आप इसे 5 अगस्त को सिनेमा में देख सकते हैं। मक्खीचूसी दिखाएं तो 15 अगस्त तक का इंतज़ार भी कर सकते हैं, पाइरेटेड फिल्मों की तो आदत-सी हो गई है।



ख़ैर, फिल्म ‘बुधिया सिंह’ का पहला ट्रेलर आ चुका है। बुधिया का रोल जो बच्चा प्ले कर रहा है उसका नाम तो नहीं पता पर कोच बिरंची दास बने हैं अपने मनोज वाजपेयी। मनोज अपना ठेठ अंदाज़ घोल दें तो आधा काम यूं ही आसान हो जाता है पर फिल्म में कितनी कहानी बुधिया की है और किस हद तक सिनेमाई खेल खेला गया है ये तो बुधिया ही बता पाएगा। वो बच्चा जो अब 14 साल का हो गया है और फिलहाल हॉस्टल में है।

वैसे  इस पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई थी और उसमें ज्यादा दम-खम लग रहा है।

ये फिल्म उसी स्टूडियो से आ रही है जिससे हमारे बॉलीवुड की पिछली स्पोर्ट बायोपिक फिल्में – भाग मिल्खा भाग और मैरी कॉम आयी हैं। 
फिल्म में बुधिया कह रहा है कि 
जितना ज्यादा रोकोगे, उतना ज्यादा दौड़ूंगा.. 
उस छोटे बच्चे से इतने मज़बूत संकल्प की उम्मीद नहीं की जा सकती है। मनोरंजन का पुट डालने के लिए भी कहानी को थोड़ा घुमाया गया है। फिल्म को बहुत प्रभावशाली बनाने की कोशिश करते हुए उसे ज़मीन से दूर रखने की गलती ट्रेलर में ही स्पष्ट नज़र आ रही है। बुधिया को हिंदी नहीं आती थी और ट्रेलर में बुधिया ने या किसी और ने भी उड़िया का एक भी शब्द नहीं बोला।

आप ये ट्रेलर देखें और फिल्म का इंतज़ार करें। हम उम्मीद करते हैं कि 14 साल के उस बच्चे को फिल्म में अपनी कहानी मिले।

‘बुधिया सिंह: बॉर्न टू रन’ - जितना ज्यादा रोकोगे, उतना ज्यादा दौड़ूंगा ‘बुधिया सिंह: बॉर्न टू रन’ - जितना ज्यादा रोकोगे, उतना ज्यादा दौड़ूंगा Reviewed by Menariya India on 1:26 PM Rating: 5