हिन्दुस्तान के 7 गांव, जिनके बारे में जान कर आप कहेंगे कि हिन्दुस्तान का दिल गांवों में ही बसता है

हमारा हिन्दुस्तान बदल रहा है। गांधी का हिन्दुस्तान बदल रहा है। वो हिन्दुस्तान बदल रहा है, जिसकी 65 फीसदी आबादी अभी भी गांवों में रहती है। हालांकि ग़रीबी, भूखमरी और बेरोजगारी से बचने के लिए लोग शहरों की ओर रूख जरूर कर रहे हैं।

मगर एक हकीकत ये भी है कि आज भी देश में कई ऐसे गांव हैं, जो आधुनिकता के मामले में देश के शहरों को टक्कर दे रहे हैं। आइए, हम आपको कुछ ऐसे ही गांवों से रू-ब-रु करवाते हैं, जिनके बारे में जान कर आप कहेंगे कि हिन्दुस्तान का दिल गांवों में ही बसता है।

1. शत- प्रतिशत साक्षरों का गांव


केरल का पोथनिक्कड गांव, भारत का पहला ऐसा गांव है, जहां 100 फीसदी लिटरेसी रेट है। 2001 की जनगणना के अनुसार, इस गांव में 17563 लोग शिक्षित थे। यहां सरकारी स्कूलों के साथ-साथ कई प्राइवेट स्कूल भी हैं।


2. हिन्दुस्तान का सबसे अमीर गांव


जो गांव कभी पानी के लिए तरसता था, आज उसका नाम देश के अमीर गांवों में आता है। यह महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में बसा है। इसका नाम हिवारे बाजार है। गांव के एक व्यक्ति पोपट राव पवार ने हिवारे बाजार गांव को पूरी तरह से बदल दिया है। पवार ने ग्रामीणों को रेन-वाटर हार्वेस्टिंग, पशुपालन और डेयरी में पैसे इन्वेस्ट करने की सलाह दी। यहां के 80 लोग बिलेनियर्स हैं और फैसिलिटी में शहरों को भी मात देते हैं।

3. यह गांव वाई-फाई से लैस है


गुजरात के पंसारी गांव को साल 2011 में बेहतरीन ग्राम पंचायत का पुरस्कार मिल चुका है। गुजरात का पंसारी गांव मैट्रो शहरों को भी मात देता है। बता दें कि ये गांव पूरी तरह से वाई-फाई से लैस है। बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूलों में एसी क्लासरूम्स हैं।

4. सोलर पावर वाला पहला गांव


बिहार के धरनई गांव में 30 साल तक बिजली नहीं थी। लेकिन आज यह गांव पूरी तरह से सोलर पावर एनर्जी पर बेस्ड है। यहां की गलियां, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र सोलर पावर की रोशनी से जगमगाते रहते हैं। यहां के किसान पूरी तरह से सोलर प्लांट पर आश्रित है।

5. बेटी के जन्म पर बंटती है मिठाई


हरियाणा के छापर गांव ने एक अलग पहचान बनायी है। यहां बेटी पैदा होने पर पूरे गांव में मिठाई बांटी जाती है। बता दें कि हरियाणा बेटियों की हत्या को लेकर काफी सुर्खियों में रहता है। लेकिन यहां की सरपंच ने पूरे गांव की सोच को बदल दिया।


6. पक्षियों वाला ये गांव


कर्नाटक का कौकरेवैल्लोर गांव पक्षियों के लिए मशहूर है। यहां 21 तरह के पक्षियों की प्रजाति पायी जाती है। ग्रामीण इन्हें अपने फैमिली मेंबर की तरह रखते हैं। इस गांव में लोग पक्षियों को देखने के लिए आते हैं।

7. जलरीले पानी को छोड़ा


यूपी के बलिया में पानी में आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा पायी गई है। इस पानी को पीने से ग्रामीण बीमार हो जाते थे। गांव के लोग खुद से कुआं खोदकर, उस पानी का इस्तेमाल पीन के लिए करने लगे। 95 साल के धनिकराम वर्मा ने लोगों को कूएं का पानी पीने के लिए जागरूक किया।

इन उदाहरणों को जान कर आप सोच रहे होंगे कि वाकई में हमारा हिन्दुस्तान बदल रहा है। लेकिन गांधी जी के शब्दों में मैं आपको बता देना चाह रहा हूं कि हिन्दुस्तान उस दिन बदलेगा, जिस दिन यहां की महिलाएं बिना डर के रात में अपने घर से निकल सके।


Source: Dainik Bhaskar
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