प्रेरणा : वेल्डर के बेटे को मिली सालाना एक करोड़ रु. की जॉब

IIT खड़गपुर के स्टूडेंट वात्सल्य सिंह चौहान को US में Microsoft की ओर से एक करोड़ रुपए की जॉब ऑफर हुई है। इस बारे में जब उनकी फैमिली को इन्फॉर्मेशन मिली तो उन्हें भरोसा नहीं हुआ। यह बात एक इंटरव्यू में खुद वात्सल्य ने बताई। बता दें कि ये होनहार बेहद कमजोर परिवार का है। इनके पिता राजस्थान के कोटा में वेल्डर का काम करते हैं। IIT भेजने के लिए पिता ने क्या किया था...



वात्सल्य ने बताया कि उन्हें IIT भेजने के लिए उनके पिता चंद्रकांत सिंह ने लोन लिया था। बड़े पैकेज पर जॉब मिलने की खबर पर उन्हें यकीन नहीं हुआ। जब वे कन्फर्म हो गए तो काफी देर तक वे कुछ बोल नहीं पाए।

पांच राउंड में इंटरव्यू
वात्सल्य के मुताबिक उनका इंटरव्यू पांच राउंड में पूरा हुआ। माइक्रोसॉफ्ट में उनका सिलेक्शन हो जाएगा, इसकी उम्मीद उन्हें भी नहीं थी। कोड राइटिंग, रिटन टेस्ट और फिर इंटरव्यू के तीन राउंड के बाद कंपनी के अधिकारी उनसे इम्प्रेस हुए।

शुरू में पता नहीं था कहां है IIT
उन्होंने बताया कि दसवीं की पढ़ाई खत्म होने तक उन्हें पता नहीं था कि आखिर IIT है कहां। 2009 में उनकी फैमिली राजस्थान के कोटा चली गई। उनके पिता वेल्डर हैं तो IIT के लिए उनके पास उतने पैसे नहीं थे। यहां एक कोचिंग के डायरेक्टर उनके टैलेंट से इम्प्रेस हुए और अपने यहां फ्री कोचिंग की परमिशन दे दी।

दूसरे प्रयास में JEE-2012 में मिली थी सफलता...
वात्सल्य ने दूसरे प्रयास में जेईई-2012 में 382वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्होंने IIT खड़गपुर में एडमिशन लिया। यहीं उन्हें अमेरिका की प्रमुख माइक्रोसाफ्ट रेडमंड कंपनी ने 1.20 करोड़ रुपए सालाना पैकेज का ऑफर दिया। आईआईटी में कैंपस प्लेसमेंट 1 से 20 दिसंबर के बीच हुआ था। अब जून-2016 में वो बीटेक पूरी करके अमेरिका की कंपनी से जुड़ेगा।

यहां भी हुआ था सिलेक्शन
- भारतीय सांख्यिकी संस्थान।
- आईआईएसई में भी क्वालिफाई किया।
- रिसर्च की चाहत के कारण उन्होंने आईआईटी को चुना।

IITian के साथ मिलकर खोलेंगे स्कूल
कोचिंग ने जो मदद वात्सल्य की थी, उसी जज्बे के साथ अब वे भी गरीब छात्रों को पढ़ाते हैं। IIT में भी वे ऑटो चालकों को फ्री में पढ़ाते हैं। वे अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने कस्बे में एक मॉडल स्कूल खोलने पर काम भी कर रहे हैं। इसमें IIT छात्र चार महीने की छुट्टियों में जाकर पढ़ाएंगे। बाकी समय अन्य टीचर्स शिक्षा देंगे। वे बिहार में नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना चाहते हैं।

इनोवेशन: रिंग के जरिए इंटरनेट एक्सेस
अपने बैचमेट के साथ वात्सल्य ने एक इनोवेशन भी किया है। उन्होंने एक मिनी स्मार्ट डिवाइस बनाई है, जिसे हाथ की रिंग में लगाकर इंटरनेट एक्सेस किया जा सकता है। रिसर्च में रुचि होने के कारण वे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर आधारित इनोवेटिव प्रोजेक्ट करना चाहते हैं।
story source : bhaskar
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