रिसर्च : झूठी निकली भानगढ़ किले में भूतों की कहानी

दुनिया की कुछ सबसे डरावनी जगहों में से एक अलवर का भानगढ़ किला काफ़ी भुतहा माना जाता है। यहां खुद पुरातत्व विभाग की तरफ़ से बोर्ड पर चेतावनी भी लिखी है जिसके अनुसार सूरज ढलने के बाद वहां रहना खतरे से ख़ाली नहीं है।



रात के वक़्त यहां भूतों का मेला लगता है और आस-पास के गांव वालों ने कई बार इस किले से डरावनी चीखें और आवाज़ें सुनी हैं। लोग अलग-अलग घटनाओं के बारे में बताते हैं। ये भी कहा जाता है कि अगर कोई इंसान यहां रात में रुका तो उसकी मौत निश्चित है और कई बार तो लाश तक का पता नहीं चलता।




ये वो कहानी है जो अकसर आपने सुनी होगी। लेकिन अब जो इस किले के बारे में हम बताने वाले हैं उसे सुन कर आपके होश उड़ जाएंगे। इतने सालों से जो डरावनी भूतों की कहानियां आपको इस जगह से बारे में बताई गई हैं वो सब गलत और मनगढ़ंत हैं।




ऐसा हम नहीं बल्कि भूतों पर रिसर्च करने वाली संस्था पैरानॉर्मल सोसाइटी ने कहा है। इस संस्था की टीम ने जब एक रात इस किले में बिताई तब ये खुलासा हुआ। इनके पास निगेटिव एनर्जी को मापने के यंत्र और उनसे बात करने वाली डिवाइस थी। इनके पास ईएमएफ मीटर, लेज़र गन थर्मामीटर और ईवीपी रिकॉर्डर थे। सोसायटी के सदस्य रात भर किले के हर उस हिस्से में घूमते रहे जहां लोगों की डर से मौत हो गई थी।

सोसायटी के सदस्यों की मानें तो सुबह तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई जिस आधार पर ये कह सकें कि यहां कुछ है जो बेहद खतरनाक है।



रात भर इस संस्था के सदस्य इस जगह पर भूतों के इंतज़ार में बैठे रहे लेकिन चमगादड़ों के अलावा वहां कोई और नहीं आया।



कहते हैं भानगढ़ किले के नर्तकी भवन से घुंघरुओं की आवाज़ आती है। वहां जाने पर भी ऐसा कुछ नहीं हुआ। हां, कुछ डरावनी आवाज़ें आ रही थीं। पता करने पर देखा गया कि पास स्थित एक पुराने पेड़ से हवाएं छन कर आ रही थीं।



इस रिसर्च ने तो ये बात साबित कर दी कि यहां भूतों का बसेरा नहीं है। आज तक जिस जगह को देश की सबसे डरावनी जगह बोला जाता था वहां एक भी आत्मा नहीं रहती। लेकिन इस बात से पुरातत्व विभाग अभी भी इंकार कर रहा है। उनका कहना है कि इस जगह भूत हैं और ये जगह आज भी देश की सबसे डरावनी जगह है।

news source: bhaskar
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