इस मंदिर में तस्कर चढ़ाते हैं अफीम, 2 - 5 करोड़ तक रुपए निकलते है हर महीने दान पेटी से

भारत में आमतौर पर भक्त मंदिरों में सोने-चांदी का चढ़ावा चढ़ाते हैं, लेकिन एमपी और राजस्थान की सीमा पर एक मंदिर ऐसा भी है जहां देवता को अफीम का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। अफीम के बड़े तस्कर अपनी कंसाइनमेंट भेजने से पहले इस मंदिर की चौखट पर सर नवाते है और कमाई में से एक हिस्सा भगवान को भी पहुंचाते हैं।




राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से करीब 35 किलोमीटर दूर विश्व प्रसिद्ध सांवलिया सेठ का मंदिर है, जिसे कृष्ण धाम भी कहा जाता है। यह राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मण्डफिया में स्थित है।




अपने आप में अनोखे इस मंदिर के बारे में भादसोड़ा चौराहा पे पिछले 10 सालो से रेस्टोरेंट चलाने वाले सुरेश और श्याम मेनारिया ने बताया कि वैसे तो इस मंदिर में देश-दुनिया से कई श्रद्धालु आते हैं, लेकिन अफीम तस्कर सांवलिया सेठ को अपना देवता मानते हैं। 

तस्कर अपने धंधे के मुनाफे में से बकायदा सांवलिया सेठ का हिस्सा भी निकालते हैं। हर महीने अमावस्या के दिन जब पेटी खोली जाती है तो उसमें से राशि के साथ-साथ अफीम भी मिलती है। चूंकि अफीम को काला सोना कहा जाता है इसलिए सांवलिया सेठ को काले सोने का देवता भी कहते हैं।



सुरेश मेनारिया ने बताया की सांवलिया सेठ के दरबार में हर माह की अमावस्या को खास दिन होता है। इस दिन दर्शन के लिए भक्तों की लम्बी लाइन लग जाती है 




पास ही के कसबे भदेसर के रहने वाले विजय मेनारिया का भी यही कहना है , विजय के अनुसार सांवलिया सेठ के कुछ भक्त उनके दर्शन किये बिना सुबह का नास्ता तक नहीं करते , सांवलिया सेठ के दर्शन उनके दैनिक कार्य का एक महत्वपूर्ण हिसा है

2 करोड़ 46 लाख का चढ़ावा





हर माह की अमावस्या को मंदिर की दान पेटी खुलती है। सोमवार (08/02/2016) को भी जब मंदिर की दान पेटी खुली तो उसमें से 2 करोड़ 29 लाख 9 हजार 786 रुपए नगद, 100 ग्राम सोना और एक किलो 394 ग्राम चांदी प्राप्त हुई।
इस मंदिर में तस्कर चढ़ाते हैं अफीम, 2 - 5 करोड़ तक रुपए निकलते है हर महीने दान पेटी से इस मंदिर में तस्कर चढ़ाते हैं अफीम, 2 - 5 करोड़ तक रुपए निकलते है हर महीने दान पेटी से  Reviewed by Menariya India on 8:45 PM Rating: 5