विंस्टन चर्चिल के अनमोल विचार...

विंस्टन चर्चिल द्धितीय विश्वयुद्ध के दौरान इंग्लैंड के प्रधानमंत्री थे। प्रसिद्ध कूटनीतिज्ञ और प्रखर वक्ता चर्चिल नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री रहे है। युद्धकाल के महान नेताओ में शुमार चर्चिल इतिहासकार,लेखक और कलाकार भी थे।




1 : नज़रिया एक छोटी चीज़ होती है,लेकिन बड़ा फर्क डालती है।

2 : कटटरपंथी वो होता है,जो अपना दिमाग बदल नही सकता और विषय वो बदलता नहीं है।

3 : एक निराशावादी को हर अवसर में कठिनाई दिखती है और आशावादी को हर कठिनाई में अवसर।

4 : साहस मानवीय गुणों में प्रमुख है, क्योकि यह बाकी सभी गुणों की गारंटी देता है।

5 : मै हमेशा सीखने के लिये तैयार हू ,पर मै हमेशा सिखाया जाना पसंद नहीं करता।

6 : पतंगे हवा के विपरीत सबसे अधिक उंचाई छूती है उसके साथ नहीं।

7 : कोई अपराध इतना बड़ा नही है,जितना की श्रेष्ठ बनने की धृष्टता करना।

8 : बार बार असफल होने पर भी उत्साह न खोने में ही सफलता है।

9 : आपके शत्रु है?अच्छी बात है इसका मतलब है आप जीवन मै किसी मूल्य के लिये कभी न कभी दृढ़ता से खड़े हुए है।

10 : शक्ति या बुद्धिमता से नही, सतत प्रयासों से ही हमारी क्षमताए सामने आती है।

11 : हमे जो मिलता है उससे हमारी ज़िंदगी चलती हैऔर जो हम देते है उससे ज़िंदगी बनती है।

12 : सुधार का मतलब है बदलना और परफेक्ट होने का मतलब है बार बार बदलना।

13 : कुछ लोग निजी उद्यमों को आदमखोर शिकारी मानते है ,जिसे गोली मार देनी चाहिये।कुछ इसे ऐसी गाय मानते है, जिसका वे दूध निकाल सकते है।लेकिन बहुत कम देख पते है की वह एक स्वस्थ घोडा है जो एक भारी वेगन खींच रहा है।

14 : जब तक सत्य घर से बाहर निकल पाता है तब तक तो झूठ आधी दुनिया घूम चूका होता है।

15 : युद्ध में सत्य इतना कीमती होता है की उसे हमेशा झूठ के बॉडीगॉर्ड के साथ ही होना चाहिये।

16 : साहस सिर्फ खड़े होकर बोलना ही नही, बैठकर धैर्यपूर्वक सुनना भी है।

17 : तुष्टिकरण किसी मगरमच्छ को इस उम्मीद में मांस देना है की सबसे अंत में वह देने वाले को खायेगा।

18 : व्यक्ति को जो करना है, वह करना ही चाहिये चाहे इसके व्यक्तिगत नतीजे कुछ भी क्यों न हो। बाधाए हो, खतरे हों या दबाव पड़ रहा हो और यही मानवीय नैतिकता का आधार है।

19 : आदमी प्रायः सच से टकराकर लड़खड़ा जाता है पर ज्यादातर लोग खुद को संभालकर आगे बढ़ जाते है। ऐसे जैसे की कुछ हुआ ही नहीं।

20 : बहुत आगे देखना गलत है। एक बार में नियति की श्रृंखला की एक कड़ी से ही निपटा जा सकता है।

21 : यदि हम भूत और भविष्य के विवाद में फंसते है तो हम पाएंगे की हमने भविष्य खो दिया है।

22 : अनकहे शब्दों के तो हम मालिक है लेकिन मुंह से फिसले शब्दों केगुलाम।

23 : मज़ाक एक बहुत ही गंभीर चीज होती है।

24 : एक राजनीतिज्ञ में ये क़ाबिलियत होनी चाहिए की वो पहले से बता सके कि कल ,अगले हफ्ते , अगले महीने ,और अगले साल क्या होने वाला है . और उसमे ये क्षमता होनी चाहिए की बाद में वो बता सके कि ऐसा क्यों नहीं हुआ।

25 : एक युद्ध्बन्धी वो व्यकी होता है जो तुम्हे मारना चाहता है , पर मार नहीं पता ,और फिर तुमसे कहता है कि उसे मत मारो।

26 : सभी महान चीजें सरल होती हैं ,और कईयों को एक शब्द में व्यक्त किया जा सकता है : स्वतंत्रता ,न्याय , सम्मान ,कर्तव्य ,दया , आशा।

27 : हालांकि मैं शहीद होने को तैयार हूँ पर मैं चाहूँगा कि वो स्थगित हो जाये।

28 : दिक्कतों को पार पाना अवसरों को जीतना है।

29 : अपने शब्द वापस लेने से मुझे कभी बदहज़मी नहीं हुई।

30 : सभी के दिन आते हैं और कुछ दिन औरों से ज्यादा लम्बे होते हैं।

31: महान और अच्छा कभी – कभार ही एक ही आदमी होता है।

32 : स्वस्थ्य नागरिक किसी देश के लिए सबसे बड़ी संपत्ति होते हैं।

33 : इतिहास जीतेने वालों द्वारा लिखा जाता है।

34 : मैं हमेशा पहले से भविष्यवाणी करने से बचता हूँ , क्योंकि घटना घट जाने के बाद भविष्यवाणी करना काफी बेहतर होता है।

35 : मैं सबसे अच्छे से आसानी से संतुष्ट हो जाता हूँ।

36 : मैं उस आदमी को पसंद करता हूँ जो झगड़ते वक़्त मुस्कुराता है।

37 : मैं नशे में हूँ मोहतरमा , पर सुबह मेरा नशा उतर जायेगा और तुम तब भी बदसूरत ही रहोगी।

38 : मैं कभी कारवाई के बारे में चिंता नहीं करता हूँ , पर निष्क्रियता के बारे में करता हूँ।

39 : मैं बस अचानक दी जाने वाली तिपादी के लिए तैयारी कर रहा हूँ।

40 : यदि हम भूत और भविष्य के विवाद में फंसते हैं तो हम पायेंगे कि हमने भविष्य खो दिया है।

41: यदि आप नरक से गुज़र रहे हों तो चलते जाइये।

42 : युद्ध में आप एक ही बार मारे जा सकते हैं , लेकिन राजनीति में कई बार।

43 : लोकतंत्र सरकार का सबसे खराब रूप है सिवाय उन सरकारों के जिन्हें इससे पहले आजमाया जा चुका है।

44 : फ्रैंकलिन रूजवेल्ट से मिलना शैम्पेन की अपनी पहली बोतल खोलने जैसा था ; उन्हें जानना उसे पीने के समान था।

45 : कभी नहीं , कभी नहीं , कभी नहीं हार मानो।

46 : अभी ये अंत नहीं है। यहाँ तक की ये अंत की शुरआत भी नहीं है , बल्कि शायद ये शुरआत का अंत है।

47 : रूस किसी रहस्य के अन्दर छिपे ऱाज में लिपटी पहेली है।

48 : इतिहास पढ़िए ,इतिहास पढ़िए . इतिहास में ही राज्य चलाने के सारे रहस्य छिपे हैं।

49 : सफलता अंत नहीं है , असफलता घातक नहीं है : लगे रहने का साहस ही मायने रखता है।

50 : पूंजीवाद की बुराई है अच्छी चीजों का बराबर से ना बंटना , समाजवाद की अच्छाई है बुरी चीजों का बराबर से बंटना।

51 : इस दस्तावेज़ की लम्बाई इस पढ़े जाने के जोखिम से बचाती है।

52 : महानता का मूल्य जिम्मेदारी है।

53 : ऐसी दो चीजें हैं जो रात के खाने के बाद भाषण देने से अधिक कठिन हैं : कोई ऐसी दीवार चढ़ना जो आपके ओर झूकी हो और ऐसी किसी ऐसी लड़की को चूमना जो आपसे दूर झूकी हो।

54 : अच्छे कर जैसी कोई चीज नहीं होती।

55 : पब्लिक ओपिनियन जैसी कोई चीज नहीं होती , केवेल पब्लिश्ड ओपिनियन होते हैं।

56 : युद्ध मुख्या रूप से भूलों की एक सूची है।

57 : हमें दया दिखानी चाहिए , पर माँगना नहीं चाहिए।

58 : जब आपको किसी को मारना ही है तो विनम्र होने में क्या जाता है.

59 : सतत प्रयास – न कि ताकत या बुद्धिमानी – ही हमारे सामर्थ्य को साकार करने की कुंजी है।

60 : असफलताओ के बावजूद , हर बार उत्साह के साथ उठ कर चलना ही सफलता है। 



Title: Winston Churchill Quotes in Hindi ( विंस्टन चर्चिल के अनमोल विचार )
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