हिंदी फिल्म एयरलिफ्ट के कुछ प्रेरणादायक डायलॉग्स

हिंदी फिल्म एयरलिफ्ट के कुछ प्रेरणादायक डायलॉग्स (Inspiring Dialogues of Airlift Hindi Movie )


People network for a reason
मेरा नाम रंजीत कत्याल ! 1990 तक कुवैत में मेरे नाम से कुछ लोग डरते थे, कुछ लोग जलते थे, लेकिन मेरे नाम से सब लोग जुड़ना चाहते थे




Things change with time
मगर उसी साल अगस्त में हालात हम पे ऐसे हावी हुए और एक लाख सत्तर हज़ार हिन्दुस्तानिओ की तरह इस नाम की भी कोई कीमत नहीं रही




Never forget your country
अमृता कत्याल, प्रीती जयराजन, जॉर्ज कुट्टी, मेहर पूनावाला, वंदना चौधरी, इब्राहिम दुर्रानी कि जैसे कई हिन्दुस्तानिओ कि नाम जिनसे सिर्फ दो बातें जुडी हुई थी, एक ये कि दुनिया उन्हें भूल चुकी थी, दूसरी इस बात की समझ कि आज उन्हें बचा सकता है तो सिर्फ वो देश जिसे उन्होंने खुद याद करना बंद कर दिया था




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Country’s efforts
Airlift, हिन्दुस्तानिओ कि लिए हिंदुस्तान की सबसे कामयाब कोशिश


बता दें कि 'एयरलिफ्ट' 1990 में ईराक-कुवैत युद्ध में फंसे 1,70,000 भारतीयों की असुरक्षा और निकासी की सच्ची कहानी है। 1990 में अमेरिकी कर्ज में डूबे ईराक के सद्दाम हुसैन चाहते थे कि कुवैत तेल उत्पादन कम करे। उससे तेल की कीमत बढ़ने पर ईराक ज्यादा लाभ कमा सके। ऐसा न होने पर उनकी सेना ने कुवैत पर आक्रमण किया और लूटपाट के साथ जानमान को भारी नुकसान पहुंचाया।
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