भगत सिंह के अनमोल विचार ( Inspirational Quotes)...


The people generally get accustomed to the established order of things and begin to tremble at the very idea of a change. It is this lethargically spirit that needs be replaced by the revolutionary spirit.
आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना में बदलने की ज़रुरत है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Often people says crazy to patriots.
देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
We were the lamp of India.हम भारत के चिराग थे।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Every tiny molecule of Ash is in motion with my heat I am such a Lunatic that I am free even in Jail.
राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Lovers, Lunatics and poets are made of same stuff.प्रेमी, पागल, और कवी एक ही चीज से बने होते हैं।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
If the deaf are to hear, the sound has to be very loud.
यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
One should not interpret the word “Revolution” in its literal sense. Various meanings and significances are attributed to this word, according to the interests of those who use or misuse it.
किसी को भी “क्रांति” शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग-अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते हैं।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Any man who stands for progress has to criticize, disbelieve and challenge every item of the old faith.
जो भी व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमे अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
I emphasize that I am full of ambition and hope and of full charm of life. But I can renounce all at the time of need, and that is the real sacrifice.
मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ लेकिन मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Faith and superstition is dangerously. It makes the man’s brain foolish and reactionary.
सिर्फ विश्वास और अन्ध विश्वास ख़तरनाक है। यह मस्तिष्क को मूढ़ और मनुष्य को प्रतिक्रियावादी बना देता है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Revolution did not necessarily involve sanguinary strife. It was not a cult of bomb and pistol.
ज़रूरी नहीं था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Non-violence is backed by the theory of soul-force in which suffering is courted in the hope of ultimately winning over the opponent. But what happens when such an attempt fail to achieve the object? It is here that soul-force has to be combined with physical force so as not to remain at the mercy of tyrannical and ruthless enemy.
अहिंसा को आत्म-बल के सिद्धांत का समर्थन प्राप्त है जिसमे अंतत: प्रतिद्वंदी पर जीत की आशा में कष्ट सहा जाता है लेकिन तब क्या हो जब ये प्रयास अपना लक्ष्य प्राप्त करने में असफल हो जाए? तभी हमें आत्म-बल को शारीरिक बल से जोड़ने की ज़रुरत पड़ती है ताकि हम अत्याचारी और क्रूर दुश्मन के रहमोकरम पर ना निर्भर करें।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Man acts only when he is sure of the justness of his action, as we threw the bomb in the Legislative Assembly.
इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है, जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
The elimination of force at all costs is Utopian.
किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
By crushing individuals, they cannot kill ideas.
व्यक्तियो को कुचल कर, वे विचारों को नहीं मार सकते।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
The sanctity of law can be maintained only so long as it is the expression of the will of the people.
क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Revolution is an inalienable right of mankind. Freedom is an imperishable birth right of all. Labour is the real sustainer of society.क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
I’m realistic.मैं यथार्थवादी हूँ।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Merciless criticism and independent thinking are the two necessary traits of revolutionary thinking.निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
I am a man and all that affects mankind concerns me.
मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
Life is lived on its own…other’s shoulders are used only at the time of funeral.
ज़िन्दगी तो अपने दम पर ही जी जाती हे … दूसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
My religion is to serve the country.
मेरा धर्म देश की सेवा करना है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
I’m an atheist.
मैं नास्तिक हूँ।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
It is the duty of man to try. Success is dependent on the circumstances and the environment.
प्रयास करना मनुष्य का कर्तव्य है। सफलता तो संयोग तथा वातावरण पर निर्भर है।
Bhagat Singh (भगत सिंह)
मेरे जज्‍बातों से इस कदर वाकिफ है मेरी कलम, मैं ‘’इश्‍क’’ भी लिखना चाहूँ तो ‘’इंकलाब’’ लिख जाता है।
भगत सिंह
मेरे सिने पर जो जखम हैं, वो सब फूलों के गुच्‍छे हैं। हमे पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्‍छे हैं।
भगत सिंह
लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका, कल आगाज आएगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा, मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा है तुमसे मेरा कि मेरे बाद वतन पे मरने वालो का सैलाब आएगा।
भगत सिंह
‘विश्वास’ कष्टों को हलका कर देता है। यहाँ तक कि उन्हें सुखकर भी बना सकता है।
भगत सिंह
तूफ़ान और झंझावात के बीच अपने पाँवों पर खड़े रहना कोई बच्चों का खेल नहीं है।
भगत सिंह

Title: Shiv Khera Quotes – भगत सिंह Motivational Thoughts (Inspirational Quotes) - Collection of Hindi Quotes and Thoughts

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