जांबाजों की कहानी, जिन्होंने बचाई बाढ़ में फंसे लोगों की जिंदगी

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 100 साल में सबसे बड़ी बाढ़। लेकिन मिसाल कि तूफान और बाढ़ जिंदगी रोक नहीं सकते। सीख कि कैसे मुसीबत में सब साथ आएं। कहानी ऐसे ही सुपरस्टार्स की जिनमें अधिकतर का तो नाम तक नहीं पता। शायद पता भी न चले।




मिसाइल की तरह बहते पानी के बीच मिनटों में तोड़ी खिड़की


ऐसे मुसीबत के समय मिले हाथ से हाथ, बचाई जिंदगी

चेन्नई में पानी ऊफान पर था। और ये दिल दहला देने वाला मंजर था। अचानक सड़क पर चलता एक बाइक सवार पानी की चपेट में आते ही बहने लगता है। अनजान बहते हुए इस शख़्स को बचाने के लिए दो नौजवान आगे आए और पानी से खींचने की कोशिश करने लगे। बचाने वाले युवक भी जब पानी की चपेट में आने लगे तो दर्जनों लाेगों ने मानव चेन बनाकर एक-दूसरे को खींचना शुरू किया। लोग दौड़ते हुए बचाने के लिए आगे आए। और बच गई एक जान। इस घटना का वीडियाे राघवन चक्रवर्ती ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।


बुजुर्ग महिला को गोद में लेकर बचाया



थिल्लाई गंगानगर की सड़क। बस तकरीबन पानी में डूब चुकी थी। अंदर थी एक वृद्ध महिला। अचानक एक फरिश्ता आता है और उन्हें अपनी गोद में उठाकर बस से बाहर निकालता है। बिल्कुल फिल्मों की तरह। इस अनजान शख़्स ने घुटनों तक भरे पानी में बुजुर्ग महिला को बाहर निकाला और सुरक्षित जगह पहुंचाया। इस घटना को शूट करने वाले फोटोग्राफर वेंकट कृष्णन का कहना है कि न जाने वो अंजान कौन था, जो इस तरह लोगों को बचा रहा था। ये जरूर था कि जब वह महिला को लेकर बाहर आ रहा था तब वहां मौजूद हर शख़्स इसे सलाम कर रहा था।


सुकन्या और उनके अजन्मे बच्चे को बचाने आया चेतक



चेन्नई के गुंडी इलाके में एक चार मंजिला मकान में तीन जानें फंसी थीं- 29 साल की सुकन्या, उसका तीन साल का बेटा और गर्भ में पल रही सात महीने की संतान। दो मंजिल तक पानी भरा था, दो दिनों से बिजली-पानी सब बंद। एयरफोर्स के जवान चेतक हेलीकॉप्टर से आए, उन्हें एयरलिफ्ट किया और ताम्बरम बेस लेकर आए। सुकन्या की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उसे तत्काल सेना के अस्पताल पहुंचाया गया। अब वे तीनों सुरक्षित हैं। यह तो केवल बानगी है। आर्मी की 40 रेस्क्यू टीमों के साथ एनडीआरएफ के 1200 जवान चेन्न्ई के हर इलाके में लोगों को बचाने में लगे थे। नेवी की छह टीमें बोट के साथ इसी काम में लगी थीं। शुक्रवार दोपहर तक ही एनडीआरएफ 10 हजार 589 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा चुकी थी। एयरफोर्स ने अराकोन्नम से मीनमबक्कम और ताम्बरम एयरबेस के लिए दो एयरब्रिज तैयार कर लिए। सैकड़ों जानें बचाईं।
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