यहां कैदियों को तोप से उड़ाया जाता था, अब बनेगा टूरिस्ट प्लेस - काला पानी

'काला पानी' की सजा। जिसका नाम सुनकर अच्छे-अच्छाें के रोंगटे खड़े हो जाते थे। जिस जेल में हजारों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने क्रूर अंग्रेज अफसरों की यातनाएं सही हैं। 

जिस जेल में अंग्रेज अफसर कैदियों को तोप से उड़ा देते थे, कैदियों को उनके परिवार और देश से एक हजार किलोमीटर दूर रखा जाता था, उस जेल को मप्र सरकार ने तीर्थ स्थल घोषित कर दिया है।



देश की स्वतंत्रता पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सेनानियों की याद में राष्ट्रीय स्मारक घोषित की गई अंडमान-निकोबार की सेल्युलर जेल को मप्र सरकार ने तीर्थ दर्शन योजना में शामिल करने की घोषणा की है। अब मप्र सरकार अपने नागरिकों शहीदों की याद ताजा करने वाले इस स्थान की सैर सरकारी खर्च पर कराएगी। शुक्रवार को विधानसभा में मप्र के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने इसकी घोषणा की है। यह जेल काला पानी के नाम से कुख्यात थी।



सात खंडों वाली तीन मंजिला इमारत, हर कैदी के लिए अलग सेल

ब्रिटिश हुकूमत भारतीय राजनीतिक कैदियों को यहां रखती थी। 1896 से 1906 तक इसका निर्माण चला। इसका आकार ऑक्टोपस की तरह था। सात खंडों में यह जेल बनाई गई थी, अब सिर्फ तीन खंड ही बचे हैं। इस जेल में करीब 700 सेल बनी हुई थी। एक सेल में एक ही कैदी को रखा जाता था। ताकि कैदी एक दूसरे से मिल नहीं सकें। कैदियों के एकाकीपन के कारण भी यह जेल काफी बदनाम हो गई थी। वीर सावरकर जैसे क्रांतिकारियों को भी यहां रखा गया था।



कैदियों को मारकर समुद्र में फेंक देते थे, 84 लोगों को एक साथ सुनाई थी फांसी

सेल्युलर जेल का सुपरीटेंडेंट डेविड बैरी बेहद क्रूर था। एक बार यहां के 200 कैदियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन असफल हुए। उनमें से एक कैदी ने आत्महत्या कर ली। सुपरीटेंडेंट ने 84 लोगों को फांसी की सजा सुनाई। एक कैदी को मारकर समुद्र में फेंक दिया गया।

देखे तस्वीरें -


1. पहले ऐसी दिखती थी सेल्युलर जेल।





2. कैदियों को इस तरह बेड़ियों में बांध कर रखा जाता था।





3. जेल का फांसी घर।






4. तीन मंजिला जेल सात खंडों में बंटी थी।







5. कैदियों को तेल निकालने के काम में लगाया जाता था।






6. जेल की महिला कैदी।





7. जेल में अब लाइट एंड साउंड शो के जरिए इसकी कहानी बताई जाती है।


Image Source : bhaskar
यहां कैदियों को तोप से उड़ाया जाता था, अब बनेगा टूरिस्ट प्लेस - काला पानी यहां कैदियों को तोप से उड़ाया जाता था, अब बनेगा टूरिस्ट प्लेस - काला पानी Reviewed by Menariya India on 3:10 PM Rating: 5