इस झूलती मीनार की डिज़ाईन की गुत्थी आज के इंजीनियर्स की समझ से बाहर है!

अगर हम आज के विज्ञान पर गर्व करते हैं और अपने इतिहास से आज के विज्ञान को बेहतर मानते हैं तो आप बहुत हद तक गलत हैं। क्यों विश्वास नहीं हो रहा? तो जनाब आपको हम एक ऐसी मस्जिद के बारे में बताते हैं जहां की इंजीनियरिंग का लोहा आज का विज्ञान भी मानता है। इस जगह का डिज़ाईन आज के इंजीनियर्स की समझ से बाहर है।




गुजरात के शहर अहमदाबाद में सीदी बशीर नामक एक मस्जिद है, जिसे लोग झूलती मीनार के नाम से भी जानते हैं। जैसा की इसके नाम से पता चल रहा है कि यहां की मीनारें झूलती हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि कैसे?




सबसे पहले आपको इन झूलती मीनारों के बारे में बताते हैं। दरअसल यहां किसी भी एक मीनार को हिलाने पर दूसरी वाली अपने आप कुछ अंतराल पर हिलने लगती है। और इसलिए ही इस जगह को झूलती मीनार भी कहा जाता है।




यह अजूबा इंजीनियर्स और आर्किटेक्ट की दुनिया को अचंभे में डाल देने के लिए काफी है। क्योंकि झूलती मीनारें आज भी रहस्य बनी हुई हैं। इन मीनारों के बारे में इंजीनियर्स अलग-अलग राय देते हैं, लेकिन वे इस आर्किटेक्ट का असली रहस्य आज तक नहीं समझ सके हैं।



इतना ही नहीं, ब्रिटिश शासन काल में इस रहस्य को समझने के लिए वहां से इंजीनियर्स बुलाए गए थे। मीनारों के आसपास खुदाई भी की गई थी, लेकिन सारी कोशिशें बेकार ही रहीं। आपको जान कर आश्चर्य होगा कि अनेकों बार भूकंप के झटकों से यहां की ज़मीन हिली, लेकिन ये मीनारें जस की तस खड़ी रहीं।

ऐसे अजूबे ही हमें बतातें है कि हमारा इतिहास कितना सुनहरा और शानदार रहा है। और विज्ञान के मामले में हम हमेशा से ही दुनिया से आगे रहे हैं।
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इस झूलती मीनार की डिज़ाईन की गुत्थी आज के इंजीनियर्स की समझ से बाहर है! इस झूलती मीनार की डिज़ाईन की गुत्थी आज के इंजीनियर्स की समझ से बाहर है! Reviewed by Menariya India on 8:54 PM Rating: 5