15 विश्व प्रसिद्ध योग गुरु, जिन्होंने दिलायी योग को एक नई पहचान

मोदी सरकार के द्वारा कोशिश करने के बाद विश्व भर में प्रथम अंतराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2015) बनाया गया। आज योग लाखों-करोड़ों लोगों को स्वस्थ तन-मन की राह दिखा रहा । लेकिन क्या आपको पता है ये योग भारत में कैसे आया औए कौन है इसके पीछे , आईये जाने ऐसे महा पुरूषों के बारे में

1. महर्षि पतंजलि (Maharishi Patanjali)


महर्षि पतंजलि को फादर ऑफ योगा कहा जाता है। महर्षि पतंजलि ने योग के 195 सूत्रों को प्रतिपादित किया, जो योग दर्शन के स्तंभ माने गए। इन सूत्रों के पाठन को भाष्य कहा जाता है। महर्षि पतंजलि ने अष्टांग योग की महिमा को बताया, जो स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

2. श्री अरविंदो (Sri Aurobindo)


कलकत्ता में 15 अगस्त 1872 को जन्मे श्री अरविंदो के जीवन का उद्देश्य धरती पर दिव्य प्रेम का राज्य स्थापित करना है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को भी जाना और उनसे अभिभूत हुए। किंतु उनकी साधना की दिशा मनुष्य चेतना पर केन्द्रित थी, वे मानव चेतना को शारीरिक, मानसिक, स्नायविक से होते हुए चैत्य की श्रेणी तक ले जाना चाहते थे। उन्होंने अपनी आध्यात्मिक सहयोगी श्री मां की तपस्या से पांडिचेरी में श्री अरविंद आश्रम की स्थापना की। 

इसमें 2000 व्यक्ति नियमित रूप से विगत 80 वर्ष से साधना करते आ रहे हैं। अरविंद ने कई किताबे लिखीं। श्री अरविंदो पूर्ण योग के प्रणेता थे, जिसका अर्थ है जो भी काम किया जाए उसमें पूर्ण कौशल तथा पारंगतता प्राप्त करना ही पूर्ण योग है। इससे श्रीकृष्ण जैसे योगी के 'योग: कर्म सु कोशलम' वाले आदर्श की याद भी आती है। 5 दिसंबर 1950 को श्री अरबिंदो इस संसार को छोड़ कर चले गए।

3. लाहिरी महाराज (Lahiri Maharaj)

लाहिरी महाशय को एक सिद्ध योगी कहा जाता है। बताते हैं कि योग करते-करते वह अदृश्य हो जाया करते थे।

4. स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)



देश-दुनिया को वास्तविक भारतीय दर्शन से परिचित कराने वाले स्वामी विवेकानंद का नाम पूरी दुनिया जानती है। स्वामी विवेकानंद ने योग के माध्यम से पूरी दुनिया को भारतीय समाज के बारे में अवगत कराया। स्वामी विवेकानंद ने योग के माध्यम से मानसिक अशांति, शारीरिक दुखों और दिमागी कठिनाइयों से निकलने का रास्ता बताया। उन्होंने राज योग, कर्म योग, भक्ति योग को पूरी दुनिया में पहुंचाया। स्वामी विवेकानंद ने योग पर पूरे जीवन व्याख्यान दिए और पश्चिमी सभ्यता द्वारा योग को आत्मसात करने को मजबूर कर दिया।


5. तिरुमलाई कृष्णमचार्य (Tirumalai krishnamacharya)


तिरुमलाई कृष्णमचार्य को 'आधुनिक योग का पितामह' कहा जाता है। उन्हें आयुर्वेद और योग दोनों का ज्ञान था। मैसूर के महराजा के राज में कृष्णमचार्य ने योग को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत का भ्रमण ‌किया। उन्हें अपनी सांसो की गति पर नियंत्रण रखना भी आता है। वह अपनी धड़कनों पर काबू कर सकते थे।


6. स्वामी शिवानंद (Swami Shivananda)


स्वामी शिवानंद पेशे से डॉक्टर थे और इनका मानना था कि एक योगी को अपने योग में सबसे उपर हास्य को रखना चाहिए। उन्होंने एक गाना भी बनाया था जिसमें 18 गुणों की चर्चा की गई थी। उनका कहना था कि ये हर योगी को प्रयोग में लाना चाहिए। उन्होंने दुनिया को त्रिमूर्ति योग से परिचित कराया जिसमें हठ योग, कर्म योग और मास्टर योग शामिल है।

7. के. पट्टाभी जोईस (K. Pattabhi jois)


के. पट्टाभी जोईस अपने आष्टांग विन्यास योग के लिए मशहूर हैं। कई हॉलीवुड के कलाकार भी जोइस के आष्टांग योग के फैन हैं। मैडोना, स्टिंग और ग्वेनेथ पैल्ट्रो समेत कई हॉलीवुड अभिनेता इनके शिष्य थे।

8. बीकेएस अयंगर - (Bks iyengar)


बीकेएस अयंगर कृष्णामचार्य के शिष्यों में से एक हैं और इन्होंने योग को विदेशों में फैलाया। उन्होंने पतंजलि के योग सूत्रों को पुनः परिभाषित किया और दुनिया को 'अयंगर योग' का तोहफा दिया। पिछले साल 95 साल की उम्र में मृत्यु हो गई लेकिन इस उम्र में भी वो आधे घंटे तक सर के बल खड़े रह सकेते थे।


9. महर्षि महेश योगी (Mahrishi Mahesh yogi)


महर्षि महेश योगी ट्रांसैडेंटल मेडिटेशन के प्रवर्तक है। इसके अतंर्गत आँख बंद कर के मंत्र पढ़ते हुए ध्यान किया जाता है। ट्रांसैडैंटल मेडिटेशन ऐसा ध्यान है जिसमें ध्यान करने वाला व्यक्ति दुनिया से परे हो जाता है।

10. परमहंस योगानंद (Parmhans Yogananda)


परमहंस योगानंद क्रिया योग के प्रवर्तक हैं। उन्होंने पश्चिम के लोगों को क्रिया योग से परिचित कराया। क्रिया योग में क्रिया के माध्यम से योगी अपना सारा जोर क्रियाओं को एकजुट करने पर डाला जाता है।

11. जग्गी वासुदेव (Jaggi vasudev)


जग्गी वासुदेव को उनके जानने वाले उन्हें सद्गुरु के नाम से जानते हैं। वासुदेव कर्नाटक के रहने वाले है। उन्होंने इशा फांउंडेशन की शुरुआत की थी और उसके माध्यम से पूरी दुनिया को योग सिखाते हैं। इन्होंने 1996 में भारतीय हॉकी टीम को भी योग अभ्यास कराया था।


12. श्री श्री रविशंकर (Shri shri Ravishankar)

ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर योग कि दुनिया में अपनी 'सुदर्शन क्रिया' से प्रचलित हैं। इस के अंतर्गत सांस को कैसे और किस प्रक्रिया में शरीर के भीतर लें और उसे बाहर छोड़े। रविशंकर इसे एक कविता की तरह मानते हैं।


13. बाबा रामदेव (Baba Ramdev)-


आज अगर योग को दुनिया इतने वृहद स्तर पर जानती है तो उसका अधिकतम श्रेय लोग बाबा रामदेव को ही देते हैं। अपने कपालभाती और अनुलोम विलोम व्यायाम ने बाबा रामदेव को और भी पहचान दिलाई। उन्होंने योग को टीवी के माध्यम से लोगों के दहलीज तक पहुंचाया।


14. भारत ठाकुर (Bharat Thakur)


भारत ठाकुर अपने कलात्मक योग के लिए विख्यात हैं। भारत द्वारा सिखाए जाने वाले योग के आसान केवल सैद्धांतिक और प्रैक्टिकल रुप तक सीमित न होकर लोगों को जीने और सांस लेने का विज्ञान भी सिखाते हैं। भारत मुख्यतः प्राणायाम, बंधकर्म, शतकर्म मुद्रा, और ध्यान संबंधी योग के आसान करते हैं।

15. एचआर नागेन्द्र (HR Nagendra)


72 वर्षीय एचआर नागेन्द्र 2 लाख से ऊपर अस्थमा के रोगियों का सफल इलाज कर चुके हैं। नागेन्द्र प्रधानमंत्री मोदी के योग सलाहाकार भी है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि वे हर साल गुजरात के कैबिनेट मंत्रियों और मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को योग सिखाने जाते हैं।
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