सऊदी अरब में की महिलाओं के लिए बने अजीब कानून - जाने क्या है ये

लिंग आधार भेदभाव की घटना लगभग हर देश में मिल जाती है पर देश के कानून और सरकार लिंग के आधार पर भेदभाव करें यह आपको अधिकतर अरब के देशों में ही देखने को मिलेगा। इन देशों के अजब गजब कानून महिलाओं को कैद करने का काम करता है।




आपको बता दे महिलाओं को बच्चों के लिए बैंक खाते खोलने या स्कूल में दाखिल कराने स्कूल फ़ाइलों को लेने और बिना पिता से लिखित अनुमति के बच्चे के साथ यात्रा करने की भी अनुमति नही है।

सार्वजनिक रूप से कार ड्राइव या साइकिल की सवारी महिलाओं के लिए इस अरब देश में काफी मुश्किल है। 


इसके अतिरिक्त एक औरत बिना साथी के एक होटल में रहने के लिए फोटो पहचान पत्र तो चाहिए ही साथ में होटल प्रबंधकों को इसकी स्थानीय पुलिस को जानकारी रजिस्टर करानी पड़ती है और तो और एक महिला को पुरुष प्रतिनिधि के बिना एक न्यायाधीश के समक्ष पेश होने की भी अनुमति नहीं है।

सऊदी अरब देश में महिलाओं के लिए सबसे अजब गजब नियम यह है कि यहाँ पर एक महिला हवाई जहाज तो उड़ा सकती है पर इस देश का कानून उसे कार चलाने की अनुमति नही देता है।




आपको बता दे सऊदी अरब कानून से अपना हक छीन कर जहाज उड़ाने का सबसे पहला लाइसेंस हनादी अल-हिंदी ने प्राप्त किया था और उन्होंने जहाजों को लेकर असमान में उड़ने का सफर सऊदी शहज़ादे अलवलीद बिन तलाल की कंपनी किंगडम होल्डिंग से शुरू किया।


शुरू दे दिनों में अल-हिंदी के पास जहाज उड़ाने का अधिकारिक लाइसेंस तो था पर उन्हें सऊदी अरब देश में उड़ान भरने की अनुमति नही थी जिसे शहज़ादे के दखल के बाद हटा लिया गया और उन्हें सऊदी अरब में जहाज के साथ हवा में उड़ान भरने का सर्टिफिकेट मिल गया।

अरब देश की महिलाएं काफी समय पहले से सऊदी अरब के इन कानूनों का विरोध कर रही है पर अभी तक वहां की सरकार ने उनके पूर्ण अधिकार नही दिए है।
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