नया स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो ये टिप्स आ सकते हैं आपके काम






नया स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो ये टिप्स आ सकते हैं आपके काम 

अगर आपने किसी नए फोन को खरीदने का मन बना लिया है तो कुछ खास बातों का ध्यान रखकर आप गलत गैजेट खरीदने से बच सकते हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ खास टिप्स।






1. डिस्प्ले साइज और क्वालिटी को करें चेक :

अगर आप कोई नया स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो ध्यान रहे की आपकी सुविधा के हिसाब से स्क्रीन साइज तय करें। भारतीय मार्केट में बड़ी स्क्रीन साइज वाले फोन्स का चलन ज्यादा है, लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा बड़े स्मार्टफोन खरीदने के कारण उसे एक हाथ से इस्तेमाल करने में दिक्कत होती हैं। इसके अलावा, कई बार सिर्फ बड़ी स्क्रीन वाला फोन लेने के कारण खराब डिस्प्ले क्वालिटी वाला फोन ले लेते हैं। डिस्प्ले क्वालिटी खास तौर पर रेजोल्यूशन पर निर्भर करती है। जितना ज्यादा रेजोल्यूशन होगा उतनी ही अच्छी डिस्प्ले क्वालिटी होगी।






कैसे चुने रेजोल्यूशन :

अगर आप कोई लो बजट स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो उसमें भी कई तरह की स्क्रीन क्वालिटी मिल सकती है। लो बजट मार्केट में 720*1280 पिक्सल (HD) के रेजोल्यूशन वाले स्मार्टफोन्स उपलब्ध हैं। इससे कम HVGA (480x320), VGA (640x480), FWVGA (854x480) जैसे रेजोल्यूशन वाले फोन भी मार्केट में लोकप्रिय हैं, लेकिन ये डिस्प्ले क्वालिटी के मामले में कम होते हैं। अगर आपका बजट ज्यादा है तो फुल एचडी (1920*1080 पिक्सल का रेजोल्यूशन) वाले फोन लें। फुलएचडी फोन मिड-रेंज में खरीदे जा सकते हैं और ये बड़ी स्क्रीन में भी बेहतर क्वालिटी गेमिंग या वीडियो देखने के लिए बेहतर हो सकते हैं।














2. ऑपरेटिंग सिस्टम का चुनाव :

मार्केट में तीन अहम ऑपरेटिंग सिस्टम हैं जो एंड्रॉइड, iOS और विंडोज हैं। इसके अलावा, सायानोजेन मोड, फायरफॉक्स और कई तरह के सॉफ्टवेय वाले स्मार्टफोन्स आजकल मार्केट में उपलब्ध हैं। iOS सिर्फ आईफोन तक ही सीमित है इसलिए अगर आप लोकप्रिय ओएस एंड्रॉइड या विंडोज में से किसी को चुन रहे हैं तो ध्यान रखें कि स्मार्टफोन में कौन सा वर्जन मौजूद है।

एंड्रॉइड और विंडोज के लेटेस्ट वर्जन-

एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम का लेटेस्ट वर्जन 5.0 लॉलीपॉप अब भारतीय मार्केट में आ गया है। इसके अलावा, एंड्रॉइड के किटकैट ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले स्मार्टफोन्स (किटकैट वर्जन 4.4, 4.4.2 और 4.4.4) भी मार्केट में मौजूद हैं। अगर आप इससे पहले का कोई वर्जन खरीद रहे हैं तो यकीनन ये पुराना ओएस है और नई अपडेट के कई फीचर्स इसमें नहीं मिलेंगे। ऐसे ही विंडोज में अब विंडोज 10 फोन ऑपरेटिंग सिस्टम आ गया है। हालांकि, मार्केट में चर्चित विंडोज 8.1 ही है।






3. प्रोसेसर और रैम :

नया फोन खरीदने से पहले प्रोसेसर और रैम का चुनाव कर लें। आजकल मार्केट में ऑक्टा-कोर प्रोसेसर वाले फोन आ रहे हैं जिनकी रैम प्रोसेसर के हिसाब से कम होती है। इसके अलावा, क्वाड-कोर प्रोसेसर भी कम रैम में कोई कमाल नहीं दिखा पाएगा। अगर प्रोसेसर और रैम गलत हो तो फोन के हैंग होने की समस्या ज्यादा होगी। हमारी सलाह है कि अगर ऑक्टा-कोर प्रोसेसर या क्वाड-कोर प्रोसेसर वाला फोन ले रहे हैं तो उसके साथ कम से कम 2GB रैम हो इसका ध्यान रखें। इसके अलावा, सबसे सही चुनाव होगा क्वाड-कोर प्रोसेसर और 2GB रैम वाले फोन लेने का।





4. मेमोरी:

अगर आप नया फोन खरीदने का सोच रहे हैं तो फोन की मेमोरी का ध्यान रखें। कई स्मार्टफोन्स 16GB या 32GB इंटरनल मेमोरी वाले होते हैं और उनमें मेमोरी कार्ड स्लॉट नहीं होता है। ऐसे में सही मेमोरी वेरिएंट का चुनाव करना जरूरी है। मान लीजिए आपने 8GB या 16GB इंटरनल मेमोरी वाला कोई फोन ले लिया है और उसमें मेमोरी कार्ड की सुविधा नहीं है। ऐसे में 8 GB वाले वेरिएंट में औसत 6.2 GB या उससे कम और 16GB वाले वेरिएंट में 12.4GB या उससे कम मेमोरी यूजर्स को इस्तेमाल के लिए मिलती है। कम मेमोरी के कारण जरूरी फाइल्स के लिए जगह नहीं मिल पाती। इसलिए फोन खरीदते समय मेमोरी वेरिएंट का चुनाव सही कर लें।





5. कैमरा:

आईफोन में 8 मेगापिक्सल का रियर कैमरा होता है और माइक्रोमैक्स के किसी स्मार्टफोन में 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा होगा, लेकिन आईफोन की कैमरा क्वालिटी यकीनन बेहतर होगी। कैमरा कितने मेगापिक्सल का है इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। कैमरा क्वालिटी सेंसर और एक्स्ट्रा कैमरा फीचर्स पर भी निर्भर करती है। मार्केट में सोनी के CMOS सेंसर वाले फोन्स ज्यादा बिक रहे हैं। कोई भी फोन खरीदने से पहले कैमरा क्वालिटी पर ध्यान दें।
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